फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   People threatened by elephants in Grastganj

हाथियों के आतंक से तीन घंटे तक अटकी रही लोगों की सांसें

Wed, 18 Dec 2019 09:51 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 18 Dec 2019 09:51 PM IST
विज्ञापन
People threatened by elephants in Grastganj
कोटद्वार के ग्रास्टनगंज में घर के पास हाथी द्वारा की गई तोड़फोड़ को दिखाते लोग। - फोटो : KOTDWAR
मंगलवार रात को क्षेत्र में हाथियों के झुंड को देखकर ग्रास्टनगंज के लोगों की तीन घंटे तक सांसें अटकी रही। हाथियों ने लोगों के आंगन में धमककर उनकी दीवार तोड़ी, बर्तन फोड़े, पाइप लाइन उखाड़ी, पेड़ तोड़ते हुए क्यारी चट की और कार को क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथियों की धमक से लोग सहमे हुए हैं, उन्होंने वन विभाग से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
विज्ञापन

मंगलवार रात को ग्रास्टनगंज में उस समय दहशत फैल गयी जब रात के 11 बजे आठ हाथियों का झुंड लैंसडौन वन प्रभाग के जंगल से ग्रास्टनगंज में घुस गया। हाथियों ने रतन सिंह भंडारी की दीवार तोड़ डाली। दीवार टूटने की आवाज सुनकर लोग जग गए। उन्होंने घरों के बाहर देखा तो उनके आंगन में आठ विशालकाय हाथी और उनके बच्चे टहलते नजर आए। हाथी के झुंड को देखते ही लोगों के होश उड़ गए। उन्होंने घर के अंदर दुबकने में ही भलाई समझी। देखते ही देखते हाथियों ने सिद्धार्थ नैथानी की पाइप लाइन उखाड़ डाली और आंगन में खड़ी कार को पलटने लगा। हाथी ने कार पर दांत मारकर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। देववृत नैथानी ने हिम्मत दिखाते हुए अपनी छत पर चढ़कर हाथी की तरफ टार्च चमकाते हुए पटाखा फोड़ा तब जाकर हाथी वहां से हटा। इसके बाद हाथियों का झुंड भरोसानंद धस्माना के आंगन में धमक गया। उन्होंने घर के आगे आम और केले के पेड़ और सब्जी की क्यारी चट की। आंगन में रखी पानी की टंकी को गिरा दिया। इसके बाद हाथी रतन सिंह भंडारी और जेआर देवरानी के आंगन में आंगन में रखे बर्तन फोड़ दिए। लोगों ने अपनी छतों पर चढ़कर हो हल्ला और पटाखे फोड़कर रात के दो बजे किसी प्रकार हाथियों को जंगल में खदेड़ा।
विज्ञापन

समाजसेवी सिद्धार्थ नैथानी ने वन विभाग पर लोगों का जीवन संकट में डालने का आरोप लगाया। कहा कि आए दिन हाथी जंगल से निकलकर उनके घरों के आगे धमक रहे हैं। कई बार विभाग के आधा अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इसकी शिकायत की गई, लेकिन हाथी को रोकने व लोगों की सुरक्षा को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। शाम ढलते ही लोग हाथी के डर से घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर, कोटद्वार रेंज अधिकारी बीबी शर्मा ने बताया कि उन्हें ग्रास्टनगंज में हाथियों की धमक की जानकारी नहीं है। नागरिकों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में वन कर्मियों की गश्त बढ़ाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed