भाबर की नदियों में रिवर ट्रेनिंग और चैनलाइजेशन के काम में जुटे खनन व्यवसायियों के ओवर लोडेड डंपरों ने कोटद्वार भाबर के साथ ही चिलरखाल-लालढांग मार्ग को क्षतिग्रस्त कर दिया है। डंपरों ने करीब डेढ़ साल में बने चमरिया पुल की दीवार को तोड़ते हुए एप्रोच रोड ध्वस्त कर दी है।
लालढांग निवासी नवीन चमोली, आशीष काला, दीपक कुमार, मनीष नेगी, विकास नेगी, विक्रम सिंह, सुमित्रा देवी, गुड्डी देवी का कहना है कि उनके क्षेत्र के लोग रोजमर्रा के काम के लिए लालढांग और चमरिया से कोटद्वार भाबर आवाजाही करते हैं, लेकिन इन दिनों खनन के डंपरों ने सड़क तहस नहस कर दी है। लोनिवि के ईई निर्भय सिंह ने बताया कि चमरिया पुल का निर्माण करने के बाद उसे वन विभाग के हैंडओवर कर दिया गया है। डीएफओ लैंसडौन अखिलेश तिवारी का कहना है कि बरसात के बाद सड़क की मरम्मत कराई जाएगी। पुल की क्षतिग्रस्त दीवार के मामले में दोषी डंपर चालक के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

लालढांग मार्ग पर डंपरों द्वारा तोड़ी गई चमरिया पुल की दीवार और एप्रोच रोड।- फोटो : KOTDWAR