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Kotdwar News: सरकारी जमीन पर कब्जे के मामले में राहत नहीं

Wed, 28 Oct 2026 05:32 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार Updated Wed, 28 Oct 2026 05:32 PM IST
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No relief in cases of encroachment on government land
बेदखली और 1.50 लाख रुपये वसूली के आदेश को दी गई चुनौती हुई खारिज
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कोटद्वार। सरकारी जमीन पर शौचालय और चौक बनाने के मामले में अरुण कुमार को अदालत से राहत नहीं मिली। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनी शुक्ला की अदालत ने उनकी अपील खारिज कर दी। अदालत ने एसडीएम लैंसडौन के बेदखली और 1.50 लाख रुपये वसूली के आदेश को बरकरार रखा।
मामला ग्राम घेडी, पट्टी बिचला बदलपुर-2, तहसील रिखणीखाल का है। राजस्व उपनिरीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार, इस जमीन पर पक्का शौचालय और चौक बनाकर कब्जा किया गया था। इसके बाद एसडीएम लैंसडौन ने 18 जून 2026 को जमीन से बेदखल करने और 1.50 लाख रुपये वसूलने का आदेश दिया था।
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अरुण कुमार ने एसडीएम के आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि विवादित जमीन उनके पैतृक मकान से लगी हुई है। वर्ष 2022 में स्वजल योजना के तहत इसी स्थान पर शौचालय और चौक का निर्माण किया गया था। उन्होंने जमीन को पैतृक संपत्ति बताते हुए बेदखली की कार्रवाई को गलत बताया।
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अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के साथ राजस्व रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों का परीक्षण किया। सुनवाई में सामने आया कि अरुण कुमार ने विवादित जमीन पर कब्जा स्वीकार किया लेकिन उसे अपनी पैतृक संपत्ति साबित करने के लिए कोई दस्तावेज पेश नहीं किया।

अदालत के अनुसार, अरुण कुमार यह साबित नहीं कर सके कि विवादित जमीन उनकी पैतृक संपत्ति है या उस पर उनका वैध अधिकार है। ऐसे में एसडीएम के आदेश को गलत ठहराने का पर्याप्त आधार नहीं मिला। एडीजे कोर्ट ने अपील खारिज करते हुए एसडीएम लैंसडौन के 18 जून 2026 के आदेश को बरकरार रखा।
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