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नगर निगम ने 62 बीघा में हो रहे निर्माण को किया ध्वस्त
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कोटद्वार के लकड़ीपड़ाव में 62 बीघा भूमि पर नियम विरूद्ध निर्माण कार्य को जेसीबी से तोड़ते नगर निग?
- फोटो : KOTDWAR
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नगर निगम ने लकड़ी पड़ाव स्थित 62 बीघा भूमि पर हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध हो रहे निर्माण कार्य को ध्वस्त कर दिया है। नगर आयुक्त ने संबंधित व्यक्ति को एक सप्ताह में विवादित भूमि से निर्माण सामग्री हटाने के निर्देश दिए हैं।
नगर आयुक्त केएस नेगी ने बताया कि लकड़ी पड़ाव स्थित 62 बीघा भूमि पर नियम विरुद्ध निर्माण कार्य होने की जानकारी मिली थी। बुधवार को सूचना मिलते ही हरकत में आई नगर निगम की टीम ने मौके पर जाकर जेसीबी से उक्त निर्माण को ध्वस्त कर दिया। बताया कि 62 बीघा जमीन का मामला नैनीताल हाईकोर्ट में विचाराधीन है। हाईकोर्ट की ओर से इस संबंध में यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश जारी किए गए हैं। स्थगन आदेश के बाद भी उक्त भूमि पर अवैध रूप से निर्माण कार्य होने की सूचना मिली थी। इस दौरान मौके पर लोगों की काफी भीड़ जमा जमा हो गई। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश के अनुपालन के क्रम में निर्माण कार्य को ध्वस्त किया गया। इस संबंध में निर्माण कार्य करा रहे व्यक्ति को एक सप्ताह में विवादित भूमि से निर्माण सामग्री को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशों का अक्षरश: अनुपालन किया जाएगा।
क्या है 62 बीघा भूमि का मामला
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार खाम-भाबर के जमाने में लकड़ी पड़ाव मोहल्ले में करीब 62 बीघा भूमि लीज पर दी गई थी। बाद में संबंधित पक्ष ने पट्टे की शर्तों का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति यह भूमि विभिन्न व्यक्तियों को विक्रय कर दी। मामला शासन में पहुंचा तो लीज निरस्त हो गई, जिस पर पट्टेदार ने न्यायालय की शरण ली। विभिन्न न्यायालयों में मामला नगर पालिका के पक्ष में रहा, लेकिन नगर पालिका भूमि खाली नहीं करा सकी। एक ओर न्यायालय में सुनवाई चलती रही, दूसरी ओर भूमि पर निर्माण कार्य जारी रहे। नगर निगम बना तो भी रसूखदारों से जुड़े इस मामले की सुध नहीं ली गई। करीब छह वर्ष पूर्व तक निगम की इस भूमि पर करीब चालीस कब्जेदार थे। इन कब्जेदारों में न सिर्फ नगर निगम से जुड़े व्यक्ति शामिल रहे, बल्कि नगर के कई रसूखदार भी इसमें शामिल हैं। कई बाहरी व्यक्तियों ने भी इस भूमि पर कब्जा किया हुआ है। नगर आयुक्त केएस नेगी का कहना है कि उक्त भूमि पर हाईकोर्ट की ओर से 01 जून, 2018 को स्थगन आदेश जारी किया गया है। यथा स्थिति हर कीमत पर बरकरार रखी जाएगी।
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नगर आयुक्त केएस नेगी ने बताया कि लकड़ी पड़ाव स्थित 62 बीघा भूमि पर नियम विरुद्ध निर्माण कार्य होने की जानकारी मिली थी। बुधवार को सूचना मिलते ही हरकत में आई नगर निगम की टीम ने मौके पर जाकर जेसीबी से उक्त निर्माण को ध्वस्त कर दिया। बताया कि 62 बीघा जमीन का मामला नैनीताल हाईकोर्ट में विचाराधीन है। हाईकोर्ट की ओर से इस संबंध में यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश जारी किए गए हैं। स्थगन आदेश के बाद भी उक्त भूमि पर अवैध रूप से निर्माण कार्य होने की सूचना मिली थी। इस दौरान मौके पर लोगों की काफी भीड़ जमा जमा हो गई। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश के अनुपालन के क्रम में निर्माण कार्य को ध्वस्त किया गया। इस संबंध में निर्माण कार्य करा रहे व्यक्ति को एक सप्ताह में विवादित भूमि से निर्माण सामग्री को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशों का अक्षरश: अनुपालन किया जाएगा।
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क्या है 62 बीघा भूमि का मामला
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार खाम-भाबर के जमाने में लकड़ी पड़ाव मोहल्ले में करीब 62 बीघा भूमि लीज पर दी गई थी। बाद में संबंधित पक्ष ने पट्टे की शर्तों का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति यह भूमि विभिन्न व्यक्तियों को विक्रय कर दी। मामला शासन में पहुंचा तो लीज निरस्त हो गई, जिस पर पट्टेदार ने न्यायालय की शरण ली। विभिन्न न्यायालयों में मामला नगर पालिका के पक्ष में रहा, लेकिन नगर पालिका भूमि खाली नहीं करा सकी। एक ओर न्यायालय में सुनवाई चलती रही, दूसरी ओर भूमि पर निर्माण कार्य जारी रहे। नगर निगम बना तो भी रसूखदारों से जुड़े इस मामले की सुध नहीं ली गई। करीब छह वर्ष पूर्व तक निगम की इस भूमि पर करीब चालीस कब्जेदार थे। इन कब्जेदारों में न सिर्फ नगर निगम से जुड़े व्यक्ति शामिल रहे, बल्कि नगर के कई रसूखदार भी इसमें शामिल हैं। कई बाहरी व्यक्तियों ने भी इस भूमि पर कब्जा किया हुआ है। नगर आयुक्त केएस नेगी का कहना है कि उक्त भूमि पर हाईकोर्ट की ओर से 01 जून, 2018 को स्थगन आदेश जारी किया गया है। यथा स्थिति हर कीमत पर बरकरार रखी जाएगी।
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