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मलबा आने से काशीपुर बुआखाल हाईवे समेत कई अन्य मोटर मार्ग बंद
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कोटद्वार/लैंसडौन/धुमाकोट। शनिवार रात से नगर और आसपास के पर्वतीय क्षेत्र में हुई भारी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। धुमाकोट में काशीपुर बुआखाल हाईवे समेत क्षेत्र के कई मोटर मार्ग मलबा आने से बाधित हो गए। कई गांवों में आवासीय भवनों के निकट भूस्खलन से खतरा बढ़ गया है। जयहरीखाल लैंसडौन मार्ग पर झारा पानी में पेड़ गिरने से शिवालय के गुंबद को नुकसान हुआ है। वहीं लैंसडौन में एडीएम के आवासीय भवन का पुश्ता ढह गया।
नगर और आसपास के पर्वतीय क्षेत्र में शनिवार शाम से शुरू हुई मूसलाधार बारिश सुबह तक जारी रही। इसके चलते नदी नाले उफान पर रहे। सुखरौ नदी में आई बाढ़ से सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। तेज बारिश के चलते जयहरीखाल लैंसडौन मार्ग पर झारापानी में विशालकाय पेड़ टूटने से शिवालय के गुंबद को काफी नुकसान पहुंचा है। गनीमत यह रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। पेड़ टूटकर सड़क पर गिरने से मार्ग पर कई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। इससे रविवार सुबह लैंसडौन में ग्रामीण क्षेत्रों से दूध की सप्लाई बाधित रही। सुबह साढ़े दस बजे के बाद मार्ग को यातायात के लिए खोला जा सका। लैंसडौन में एसडीएम आवास का पुश्ता ढहने से भवन को खतरा उत्पन्न हो गया है। धुमाकोट तहसील के अंतर्गत काशीपुर बुआखाल हाईवे पर संगलिया ढाबे के पास भारी मात्रा में मलबा आने से मार्ग बंद हो गया है, जिससे इस मार्ग पर रविवार सुबह पांच घंटे यातायात बाधित रहा। सूचना पर विभाग ने जेसीबी के जरिए मलबा हटाकर लगभग सुबह 10 बजे यातायात बहाल कर दिया। अवर अभियंता प्रदीप लखेड़ा ने बताया कि कई जगह मलबा गिरने से मार्ग बाधित हो गया था। जेसीबी के जरिए मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया है। इसके साथ ही धुमाकोट-किनगोड़ीखाल-गौलीखाल मार्ग, जड़ाऊखांद-जमणधार-मजेड़ा बैंड मार्ग, जड़ाऊखांद-संगलिया मोटर मार्ग पर मलबा आने से यातायात प्रभावित रहा।
-फोटो
लगातार हो बारिश से ढहीं गोशाला की दीवारें
संवाद न्यूज एजेंसी
कण्वघाटी। भाबर में लगातार हो रही बारिश के चलते लोकमणिपुर के मंदेवपुर में एक गोशाला और भूसाघर के तीन कमरों की दीवारें ध्वस्त हो गईं। गोशाला स्वामी ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
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पटवारी विनोद जोशी ने बताया कि भाबर क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों ने लगातार बारिश हो रही है। रविवार को दोपहर करीब साढे़ 11 बजे बारिश के चलते मंदेवपुर निवासी दयाकृष्ण की गोशाला के तीन कमरे ध्वस्त हो गए। गनीमत रही कि उस समय मवेशी चरने के लिए जंगल गए थे। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। क्षति का आकलन रिपोर्ट बनाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। गोशाला स्वामी ने बताया कि गोशाला और भूसा घर ढहने से करीब पचास हजार रुपये का नुकसान हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
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नगर और आसपास के पर्वतीय क्षेत्र में शनिवार शाम से शुरू हुई मूसलाधार बारिश सुबह तक जारी रही। इसके चलते नदी नाले उफान पर रहे। सुखरौ नदी में आई बाढ़ से सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। तेज बारिश के चलते जयहरीखाल लैंसडौन मार्ग पर झारापानी में विशालकाय पेड़ टूटने से शिवालय के गुंबद को काफी नुकसान पहुंचा है। गनीमत यह रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। पेड़ टूटकर सड़क पर गिरने से मार्ग पर कई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। इससे रविवार सुबह लैंसडौन में ग्रामीण क्षेत्रों से दूध की सप्लाई बाधित रही। सुबह साढ़े दस बजे के बाद मार्ग को यातायात के लिए खोला जा सका। लैंसडौन में एसडीएम आवास का पुश्ता ढहने से भवन को खतरा उत्पन्न हो गया है। धुमाकोट तहसील के अंतर्गत काशीपुर बुआखाल हाईवे पर संगलिया ढाबे के पास भारी मात्रा में मलबा आने से मार्ग बंद हो गया है, जिससे इस मार्ग पर रविवार सुबह पांच घंटे यातायात बाधित रहा। सूचना पर विभाग ने जेसीबी के जरिए मलबा हटाकर लगभग सुबह 10 बजे यातायात बहाल कर दिया। अवर अभियंता प्रदीप लखेड़ा ने बताया कि कई जगह मलबा गिरने से मार्ग बाधित हो गया था। जेसीबी के जरिए मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया है। इसके साथ ही धुमाकोट-किनगोड़ीखाल-गौलीखाल मार्ग, जड़ाऊखांद-जमणधार-मजेड़ा बैंड मार्ग, जड़ाऊखांद-संगलिया मोटर मार्ग पर मलबा आने से यातायात प्रभावित रहा।
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लगातार हो बारिश से ढहीं गोशाला की दीवारें
संवाद न्यूज एजेंसी
कण्वघाटी। भाबर में लगातार हो रही बारिश के चलते लोकमणिपुर के मंदेवपुर में एक गोशाला और भूसाघर के तीन कमरों की दीवारें ध्वस्त हो गईं। गोशाला स्वामी ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
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पटवारी विनोद जोशी ने बताया कि भाबर क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों ने लगातार बारिश हो रही है। रविवार को दोपहर करीब साढे़ 11 बजे बारिश के चलते मंदेवपुर निवासी दयाकृष्ण की गोशाला के तीन कमरे ध्वस्त हो गए। गनीमत रही कि उस समय मवेशी चरने के लिए जंगल गए थे। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। क्षति का आकलन रिपोर्ट बनाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। गोशाला स्वामी ने बताया कि गोशाला और भूसा घर ढहने से करीब पचास हजार रुपये का नुकसान हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
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