फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   Malan Bridge: Construction of pillars started using well technology, five slabs have been removed so far

मालन पुल: वेल तकनीक से पिलरों का निर्माण शुरू, अब तक पांच स्लैब हटाए जा चुके हैं

Sat, 17 Aug 2024 10:48 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 17 Aug 2024 10:48 PM IST
विज्ञापन
Malan Bridge: Construction of pillars started using well technology, five slabs have been removed so far

विज्ञापन
कोटद्वार। बीते वर्ष बाढ़ व भूकटाव से क्षतिग्रस्त हुए मालन पुल के निर्माण की तिथि अब मार्च, 2025 के अंतिम सप्ताह तक खिसक चुकी है। लोनिवि ने गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी व विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी को अप्रैल प्रथम सप्ताह तक पुल पर आवागमन शुरू कराने की तिथि बता दी है। लेकिन देखना यह होगा कि लोनिवि अपने वायदे के मुताबिक मार्च महीने तक इसे तैयार कर पाता है या नहीं। अलबत्ता, इस बीच लोनिवि ने वेल तकनीक से पिलर बनाने का काम शुरू करवा दिया है। जिससे क्षेत्रवासियों की पुल के निर्माण की आस बंधने लगी है।
बीते वर्ष 13 जुलाई, 2023 को क्षतिग्रस्त हुए मालन पुल को 13 महीने से ज्यादा का वक्त हो चुका है। इन 13 महीनों में मालन पार के दो दर्जन गांवों से लेकर लालढांग तक के इलाके की करीब 50 हजार की आबादी की निगाह पुल के निर्माण पर टिकी हुई है। बरसात के इस सीजन में वैकल्पिक मार्ग प्रभावित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोनिवि की सुस्त चाल से लोग परेशान हैं। पहले लोनिवि इसी साल दिसंबर तक पुल का निर्माण कराने का दावा कर रहा था, लेकिन अब यह तिथि तीन महीने आगे खिसककर मार्च तक चली गई है। लोग अब कहने लगे हैं कि अगली बरसात से पहले पुल को जरूर बनवा दो। दो बरसात किसी तरह झेल चुके हैं, अब तीसरी बरसात नहीं झेल सकते हैं।
विज्ञापन




इन 13 महीनों में लोनिवि और उसकी कार्यदायी एजेंसी की उपलब्धि गिनाएं तो उसमें पुल के पांच भारी भरकम स्लैब लिफ्ट और शिफ्ट तकनीक से सुरक्षित हटाकर चार पिलर ध्वस्त करने को शामिल किया जा सकता है। ध्वस्त किए गए पिलर नंबर 10 के स्थान पर वेल तकनीक से नए पिलर बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। अगले दस दिन में दूसरे नए पिलर का भी निर्माण शुरू करने का दावा किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


.



वेल तकनीक से बनने हैं सभी 12 पिलर

आईआईटी बीएचयू के वैज्ञानिकों की ओर से मालन पुल पर बढ़ते वाहनों के दबाव, नदी के बहाव को देखते हुए पुल के सभी 12 पिलरों को वेल तकनीक से बनाने के लिए तैयार किए गए डिजाइन व डीपीआर को शासन से मंजूरी मिली है। मालन पुल पर कुल 13 स्लैब थे। जिसमें एक स्लैब नदी में गिरने से टूट गया। जिसे नया बनाया जाएगा। बाकी 12 स्लैब में से पांच स्लैब सुरक्षित हटाकर वेल तकनीक के पिलर बनाने का काम शुरू किया जा चुका है। सितंबर माह से पुल के निर्माण में और तेजी आएगी।




.

.

आईआईटी बीएचयू के डिजायन के अनुसार मालन पुल के पिलरों का वेल तकनीक पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। 5 स्लैब सुरक्षित हटा लिए जाने के बाद अन्य को हटाने व पुराने पिलर ध्वस्त करने का काम भी चल रहा है। अगले सप्ताह से वेल तकनीक के दूसरे पिलर का भी निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। बरसात के बाद काम में और तेजी आएगी। 31 मार्च से पहले पुल तैयार कर दिया जाएगा।



-डीपी सिंह, अधिशासी अभियंता लोनिवि दुगड्डा।

फोटो समाचार



जारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed