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कम वेतन मसले पर सचिव से मिलेंगे एसआर
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Tue, 08 Nov 2016 10:00 PM IST
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कम वेतन मिलने से नाराज राजकीय मेडिकल कालेज श्रीनगर के सीनियर रेजीडेंट (एसआर) उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद 10 नवम्बर को सचिव डी. सैंथिल पांडियन से मिलेेंगे। मेडिकल कालेज की ओर से अपने ही आदेशों को नजरंदाज करके एसआर को कम सेलरी जारी करने का आदेश जारी कर दिया, जिसके बाद यह मामला उच्च न्यायालय चला गया।
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याचिकाकर्ताओं के अनुसार 21 नवंबर 2015 को शासन ने आदेश जारी करते हुए एसआर को बेसिक वेतनमान 22 हजार रुपये कर दिया था, जिसके चलते उनका वेतन लगभग 64 हजार रुपये हो गया। इससे पूर्व उनको 11 अक्तूबर 2009 को जारी शासनादेश के अनुसार प्रतिमाह लगभग 94 हजार रु. वेतन मिल रहा था। इस जीओ के अनुसार उनका बेसिक वेतनमान 33 हजार हो रहा था।
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आदेश जारी होने के बाद दिसंबर 2015 में एसआर को नए जीओ के अनुसार वेतन मिला, लेकिन एसआर में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए तत्कालीन प्राचार्य ने यह मसला चिकित्सा शिक्षा मंत्री के समक्ष रखा। विधान भवन में इस मुद्दे पर हुई बैठक के बाद वर्ष 2009 के शासनादेश के आधार पर ही वेतन देने का निर्णय लिया गया। तत्पश्चात जनवरी से मई माह तक पूर्व की भांति एसआर को वेतन मिलता रहा।
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जून माह से एसआर को नवंबर 2015 के शासनादेश के अनुसार लगभग 64 हजार वेतन मिलने लगा। साथ ही उनसे अधिक भुगतान की गई रकम की भी वसूली होने लगी। वेतन कम होने और वूसली रोकने के प्रकरण को एसआर हाईकोर्ट ले गए। उच्च न्यायालय ने आदेश देते हुए अक्तूबर माह में 25 हजार 200 रुपये बेसिक के आधार पर वेतन देने के लिए कहा है। अदालत ने स्थायी समाधान के लिए प्रमुख सचिव को मिलने के आदेश दिए हैं।