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‘गुलदार दिखेगा तब गांव पहुंचेगी शिकारी टीम’
ब्यूरो/अमर उजाला कोटद्वार
Updated Mon, 20 Jun 2016 10:43 PM IST
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बारह जून की घटना के बाद कोटा गांव में लोग गुलदार की दहशत के साए में जी रहे हैं। इस पर वन अधिकारियों ने कहा कि गांव क्षेत्र में आदमखोर गुलदार की गतिविधि नहीं दिख रही है। जैसे ही कोई गतिविधि दिखाई देगी, शिकारी दल वहां पहुंच जाएगा। शिकारी दल ने अब मुनिकीरेती में डेरा डाल लिया है।
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राजाजी टाइगर रिजर्व के बफर जोन से सटे इस गांव में पार्क प्रशासन ने दस साल के बालक अभिषेक को निवाला बनाने वाले गुलदार को आदमखोर तो घोषित कर दिया, लेकिन चार दिन बाद ही गांव से शिकारी दल को वापस बुला लिया।
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रेंज अधिकारी गोहरी राजेंद्र नौटियाल का कहना है कि शिकारी दल को आदमखोर गुलदार की गतिविधियां नहीं मिली। इस वजह से वह मुनिकीरेती में हैं, जहां से घटनास्थल की दूरी सात से दस किमी के बीच है।
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गुलदार की सूचना मिलते ही शिकारी दल गांव पहुंच जाएगा। शिकारी दल ग्रामीणों के संपर्क में हैं। बताया कि शिकारी बलबीर सिंह पंवार मुनिकीरेती वन प्रभाग में वन दारोगा के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें अपना विभागीय काम भी देखना है। जरूरत पड़ने पर वह गांव पहुंच जाएंगे।
ग्रामीणों ने चेताया
कोटा गांव की प्रधान प्रभा देवी, राजपाल सिंह राणा समेत ग्रामीणों ने जिला एवं पार्क प्रशासन को चेताया है कि यदि गांव में आदमखोर गुलदार ने घटना की पुनरावृत्ति की तो ग्रामीण शासन, प्रशासन और वन विभाग के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन एवं प्रशासन स्तर पर गांव की अनदेखी की जा रही है। जब तक आदमखोर गुलदार ढेर नहीं हो जाता है, तब तक शिकारी टीम को गांव में ही बने रहना चाहिए।
कोटा में हाथी का उत्पात, फसलें चौपट की
यमकेश्वर ब्लाक के ग्राम पंचायत कोटा में गुलदार के साथ अब हाथी का उत्पात भी शुरू हो गया है। समाज सेवी राजपाल सिंह ने बताया कि हाथी ने मक्की, मंड़ुआ और धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। कोटा गांव के परवीन सिंह, स्वयंबर सिंह, राजेंद्र सिंह और महेंद्र सिंह आदि की खेती चौपट कर दी। ग्राम प्रधान प्रभा देवी ने बताया कि राजाजी नेशनल पार्क को मुआवजे के लिए लिखा गया है।