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फ्यूं लड़िया त्वें देखि कि आंदू यो मन मा..
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लैंसडौंन में देवभूमि उत्सव नमामि गंगे में प्रस्तुति देते लोक गायक किशन महिपाल।
- फोटो : KOTDWAR
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पर्यटन नगरी में राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित तीन दिवसीय देवभूमि उत्सव नमामि गंगे की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में पर्यटन नगरी लैंसडौन लोकरंग में सरोबार रही। उत्तराखंड के लोकगायक किशन महिपाल के लोकगीतों पर दर्शक जमकर थिरके। उत्तर मध्य क्षेत्र के कलाकारों ने देश के विभिन्न प्रांतों की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत कर अनेकता में एकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि डिप्टी कमांडेंट जीआरआरसी कर्नल एनएस माधवन, विशिष्ठ अतिथि डा. एसपी नैथानी, वसुंधरा मायाकोटि, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज के प्रबंध निदेशक इंद्रजीत ग्रोवर ने संयुक्त रूप से किया। अपने संबोधन में कर्नल एनएस माधवन ने कहा कि देश के सांस्कृतिक मूल्यों को जानने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन बहुत जरूरी है। विशिष्ट अतिथि एसपी नैथानी व इंद्रजीत ग्रोवर ने कहा कि देश की हर राज्य की सांस्कृतिक विरासत अमूल्य है। सांस्कृतिक संध्या की दूसरी शाम लोक गायक किशन महिपाल के नाम रही। उन्होंने एक के बाद एक गीतों की प्रस्तुतियों पर दर्शक पंडाल के अंदर व बाहर नाचने लगे। इस दौरान किशन महिपाल ने हे बदरीनाथ तेरी जय जयकार.., फ्यूं लड़िया त्वें देखि कि आंदू यो मन मा, तेरो मेरो साथ छयो पहला जनम मां.., हाथ मां खेलोदा कृष्णा, बाल गोविंदा जी.., किंगरी का झाला घुघुती..आदि गढ़वाली गीत प्रस्तुत किए। विभिन्न विद्यालयों की लोकनृत्यों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया।
वाणी माधव एंड ग्रुप दिल्ली के कलाकारों ने भगवान विष्णु के बारह अवतारों पर आधारित ओडिसी नृत्य की यादगार प्रस्तुति दी। संस्कृति विभाग उत्तराखंड के कलाकार जितेंद्र शाह ग्रुप के कुमांऊनी नृत्य छपेली की प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। हरियाणा के शंकरदास पार्टी के झूमर नृत्य, प्रयागराज की सुजाता केसरी ग्रुप की कजरी एवं चौमासा लोकगीत पर लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। राजस्थान के रोहित एंड ग्रुप की भवई लोकनृत्य और जीतू मिंया चौधरी के लोकगीतों की प्रस्तुतियों ने समां बाधते हुए देश की एकता और अखंड भारत का संदेश दिया।
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इस मौके पर उत्तर मध्य सांस्कृतिक केंद्र के अधिकारी मधुकांत मिश्रा, केके श्रीवास्तव, खंड शिक्षा अधिकारी रामेश्वरी बढ़वाल, अनिल बौंठियाल, डा.सतीश कालेश्वरी, मोहन बिष्ट, अभ्युदय परिवार संयोजिका भावना वर्मा, मुकेश अग्रवाल, प्रेम थापा, संजय कन्नौजिया, महिपाल रावत आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रशांत थापा और आर्मी स्कूल की छात्रा जाह्नवी ने संयुक्त रूप से किया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि डिप्टी कमांडेंट जीआरआरसी कर्नल एनएस माधवन, विशिष्ठ अतिथि डा. एसपी नैथानी, वसुंधरा मायाकोटि, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज के प्रबंध निदेशक इंद्रजीत ग्रोवर ने संयुक्त रूप से किया। अपने संबोधन में कर्नल एनएस माधवन ने कहा कि देश के सांस्कृतिक मूल्यों को जानने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन बहुत जरूरी है। विशिष्ट अतिथि एसपी नैथानी व इंद्रजीत ग्रोवर ने कहा कि देश की हर राज्य की सांस्कृतिक विरासत अमूल्य है। सांस्कृतिक संध्या की दूसरी शाम लोक गायक किशन महिपाल के नाम रही। उन्होंने एक के बाद एक गीतों की प्रस्तुतियों पर दर्शक पंडाल के अंदर व बाहर नाचने लगे। इस दौरान किशन महिपाल ने हे बदरीनाथ तेरी जय जयकार.., फ्यूं लड़िया त्वें देखि कि आंदू यो मन मा, तेरो मेरो साथ छयो पहला जनम मां.., हाथ मां खेलोदा कृष्णा, बाल गोविंदा जी.., किंगरी का झाला घुघुती..आदि गढ़वाली गीत प्रस्तुत किए। विभिन्न विद्यालयों की लोकनृत्यों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया।
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वाणी माधव एंड ग्रुप दिल्ली के कलाकारों ने भगवान विष्णु के बारह अवतारों पर आधारित ओडिसी नृत्य की यादगार प्रस्तुति दी। संस्कृति विभाग उत्तराखंड के कलाकार जितेंद्र शाह ग्रुप के कुमांऊनी नृत्य छपेली की प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। हरियाणा के शंकरदास पार्टी के झूमर नृत्य, प्रयागराज की सुजाता केसरी ग्रुप की कजरी एवं चौमासा लोकगीत पर लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। राजस्थान के रोहित एंड ग्रुप की भवई लोकनृत्य और जीतू मिंया चौधरी के लोकगीतों की प्रस्तुतियों ने समां बाधते हुए देश की एकता और अखंड भारत का संदेश दिया।
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इस मौके पर उत्तर मध्य सांस्कृतिक केंद्र के अधिकारी मधुकांत मिश्रा, केके श्रीवास्तव, खंड शिक्षा अधिकारी रामेश्वरी बढ़वाल, अनिल बौंठियाल, डा.सतीश कालेश्वरी, मोहन बिष्ट, अभ्युदय परिवार संयोजिका भावना वर्मा, मुकेश अग्रवाल, प्रेम थापा, संजय कन्नौजिया, महिपाल रावत आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रशांत थापा और आर्मी स्कूल की छात्रा जाह्नवी ने संयुक्त रूप से किया।