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छात्रों के लिए छोड़ी आराम तलफ जिंदगी
ब्यूरो/अमर उजाला, पौड़ी।
Updated Sun, 04 Sep 2016 10:28 PM IST
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पौड़ी जनपद के अशासकीय इंटरमीडिएट कॉलेज परसुंडाखाल में पढ़ाते पूर्व प्रधानाचार्य सुलतान सिंह रावत।
- फोटो : Amar Ujala
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सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सुलतान सिंह रावत 76 साल की उम्र में हर दिन करीब डेढ़ किलोमीटर की चढ़ाई चढ़कर स्कूल में विद्यार्थियों को नि:शुल्क पढ़ा रहे हैं। अशासकीय इंटरमीडिएट कॉलेज परसुंडाखाल में अंग्रेजी, हिंदी समेत करीब दस विषयों के शिक्षक नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, इससे चिंतित रावत ने स्कूल में बच्चों को पढ़ाने की ठानी। कालेज प्रशासन ने शिक्षक दिवस पर उन्हें सम्मानित करने का निर्णय लिया है।
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पूर्व प्रधानाचार्य सुलतान सिंह रावत ने ही वर्ष 1967 में स्थानीय लोगों के साथ मिलकर इंटरमीडिएट कॉलेज परसुंडाखाल की जूनियर हाईस्कूल के रूप में नींव रखी थी। उन्हें तब विद्यालय के प्रधानाध्यापक पद का दायित्व सौंपा गया था।
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विद्यालय को इंटर की मान्यता मिलने के बाद उन्हें इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रधानाचार्य के पद का लाभ मिलना चाहिए था, लेकिन लंबे समय तक इस पद पर सेवा देने के बाद भी उन्हें आज तक इस पद का आर्थिक लाभ नहीं मिल पाया है। वर्ष 1999 में सेवानिवृत्त होने के बावजूद उन्होंने विद्यालय के प्रति अपने सेवाभाव में कभी कमी नहीं आने दी।
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प्रधानाचार्य बीसीएस नेगी और प्रबंधक योगंबर सिंह नेगी ने बताया है कि उनके विद्यालय में शिक्षा दान करने से शैक्षणिक माहौल में सुधार हुआ है। अभिभावक शिक्षक संघ के अध्यक्ष संजय नेगी और एसएमसी के अध्यक्ष राकेश नेेगी ने कहा कि उनके विद्यालय में शिक्षा दान की सेवाएं देने से सभी विषयों का पठन-पाठन सुचारू रूप से चल रहा है।