फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   Landslides happening in Pulinda village, threat increased

पुलिंडा गांव पर फिर मंडराया भूस्खलन का खतरा

Sun, 02 Aug 2020 09:00 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2020 09:00 PM IST
विज्ञापन
Landslides happening in Pulinda village, threat increased
कोटद्वार। घाड़ क्षेत्र के अंतर्गत भूस्खलन प्रभावित गांव पुलिंडा में खतरा और भी बढ़ गया है। गत पांच दिन से हो रही भारी बारिश से अब गांव के पूरब और पश्चिम दिशा में भी भूस्खलन होने लगा है, जिससे गांव में रह रहे ग्रामीणों के जीवन पर संकट मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने उनके पुनर्वास की मांग उठाई है।
विज्ञापन

विस्थापन और पुनर्वास संघर्ष समिति पुलिंडा के अध्यक्ष केसर सिंह नेगी ने बताया कि पूर्व में जहां दक्षिण और उत्तर दिशा में ही भूस्खलन हो रहा था, वहीं पांच दिन से क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश से गांव के पूरब और पश्चिम दिशाओं में भी भूस्खलन होने लगा है। ग्रामीणों के मकान व गोशाला खेत खतरे की जद में हैं और गांव रहने लायक नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि सत्तर के दशक से गांव में लगातार भूस्खलन हो रहा है। पूर्व में भू वैज्ञानिकों ने गांव का सर्वे कर ग्रामीणों का पुनर्वास करने की संस्तुति की थी। ग्रामीण भी वर्ष 2006 से गांव का विस्थापन और पुनर्वास करने की मांग करते आ रहे हैं। राजस्व विभाग की ओर से 27 सितंबर, 2006 में सिगड्डी के पापीडांडा खाम में भूमि का चयन भी कर लिया था। तीन सितंबर, 2019 को अपर जिलाधिकारी पौड़ी डॉ. एसके बरनवाल ने गांव का निरीक्षण करने के साथ ही चयनित भूमि का संयुक्त निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने चयनित भूमि को राजस्व विभाग की बताते हुए इस संबंध में रिपोर्ट तैयार कर सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग उत्तराखंड को भेजी थी। उन्होंने एक बार पुन: प्रदेश सरकार से गांव के सभी 121 परिवारों के विस्थापन और पुनर्वास करने की मांग उठाई है।
विज्ञापन

-ेफोटो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed