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कोटा में सक्रिय गुलदार आदमखोर घोषित
ब्यूरो/अमर उजाला कोटद्वार
Updated Tue, 14 Jun 2016 11:06 PM IST
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पौड़ी जिले के यमकेश्वर विकासखंड के तल्ला ढांगू क्षेत्र के कोटा गांव में दस वर्षीय बालक को निवाला बनाने वाले गुलदार को राजाजी नेशनल पार्क प्रशासन ने आदमखोर घोषित कर दिया है। उसे मारने के लिए शूटर तैनात कर दिया गया है। उधर, क्षेत्र में गुलदार की दहशत बनी हुई है। दिन ढलते ही ग्रामीण घरों में दुबकने के लिए मजबूर हो गए हैं। पूरे इलाके में लोग शाम और सुबह टोली बनाकर आवाजाही कर रहे हैं।
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वन विभाग ने मृतक आश्रित परिवार को मुआवजे की प्रथम किश्त के रुप में नब्बे हजार रुपये स्वीकृत किए हैं। जो बुधवार को उनके घर जाकर दिया जाएगा। कोटा की प्रधान प्रभा देवी, ग्रामीण राजपाल सिंह ने बताया कि सोमवार की पूरी रात लोग दहशत में रहे।
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गुलदार ने कई बार गांव के चक्कर काटे। वन विभाग की टीम ने भी कई स्थानों पर गुलदार के पंजे देखे हैं। घटनास्थल से लेकर दो किमी के दायरे में जहां गुलदार ने दस वर्षीय बालक अभिषेक को निवाला बनाया था, उसकी मूवमेंट देखी गई है।
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जनप्रतिनिधियों की मांग पर वन विभाग ने गुलदार को आदमखोर घोषित कर दिया है। उसके मारने के लिए राज्य के शिकारियों के पैनल में शामिल टिहरी के वन दारोगा बलबीर सिंह रावत तैनात कर दिया है। शिकारी टीम गुलदार की मूवमेंट, पंजों के निशान, उसके आने-जाने के रास्तों के अध्ययन में जुट गई है।
पीड़ित परिवाराें को तीन लाख का मुआवजा
पीड़ित परिवार को तीन लाख रुपये का मुआवजा स्वीकृत किया गया है जिसकी तीस फीसदी धनराशि का नब्बे हजार रुपये का चेक बुधवार तक पीड़ित परिवार को उपलब्ध करा दिया जाएगा। रेंजर राजेंद्र नौटियाल ने बताया कि वन विभाग ने गुलदार के हमले को देखते हुए क्षेत्र में अलर्ट घोषित कर दिया है।
कोटा गांव में पांचवें दिन बहाल हुई बिजली
यमकेश्वर के कोटा गांव में मंगलवार को पांचवें दिन विद्युत आपूर्ति बहाल हुई। ग्रामीणों का कहना है कि आंधी-तूफान के कारण गांव में बिजली आपूर्ति ठप पड़ी थी। फूलचट्टी से करीब सात किमी की खड़ी चढ़ाई में स्थित कोटा गांव की लाइन में फाल्ट आने से विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी थी।
ग्रामीण राजपाल सिंह बताते हैं कि रविवार की जिस रात गुलदार ने मेहरबान सिंह के दस साल के बच्चे को अपना शिकार बनाया, उस रात बिजली न होने और गर्मी से बचने के लिए पूरा परिवार घर की छत पर सोने गया था। उन्हें क्या पता कि उनके साथ इस तरह की अनहोनी हो जाएगी।
प्रधान प्रभा देवी कहती हैं कि गांव में बिजली होती तो शायद यह अनहोनी न होती। ऊर्जा निगम के ईई अनिल वर्मा का कहना है कि आंधी-तूफान से लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसकी मरम्मत करा दी गई है। मंगलवार दिन में बिजली बहाल करा दी गई है।