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चार दिन जेसीबी चलाकर चलता बना लोनिवि
अमर उजाला ब्यूरो बैजरौ/कोटद्वार
Updated Tue, 09 Feb 2016 10:17 PM IST
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विभाग के इसी रवैये का खामियाजा क्षेत्र के चालीस से अधिक गांव 20 साल से भुगत रहे हैं। महज खानापूर्ति के लिए कुछ दिन चलाई गई जेसीबी के बाद भी इन दोनों सड़कों को आरटीओ से मंजूरी मिलने की उम्मीद नहीं है।
अमर उजाला ने नौ जनवरी के अंक में ‘लोनिवि की गलती 40 गांव पर भारी’ शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
इस पर शासन में हलचल हुई और इन मोटर मार्गों पर हुई गड़बड़ी पर जांच के आदेश दिए गए। शासन ने इन सड़कों पर तत्काल सुधारीकरण का कार्य करते हुए इन्हें यातायात के लायक बनाने के निर्देश दिए थे। जनवरी द्वितीय सप्ताह में लोनिवि के बैजरों खंड ने मैठाणाघाट-तकुलसारी-रसिया महोदव मार्ग पर जेसीबी भेजकर सुधारीकरण कार्य शुरू कराया। चार दिन जेसीबी चलने के बाद लोनिवि ने सड़क यातायात के लिए ठीक बताते हुए इतिश्री कर दिया। डिवीजन के अधिकारियों ने दोनों सड़कों को दुरुस्त होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को भेज दी है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है। क्षेत्रवासियों की मानें तो सड़क की स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ है, कुछ मोड़ों को जरूर थोड़ा ठीक किया है लेकिन ज्यादातर सड़क के हाल जस के तस हैं।
बीरोंखाल के पूर्व प्रमुख दर्शन सिंह रिंगोड़ा, भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष मनवर सिंह, कुलसारी के प्रधान राजे सिंह, ग्वीन के प्रधान दिनेश रावत का कहना है कि दोनों सड़कें सरकारी उदासीनता और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के दावें की जमीनी हकीकत की जांच की मांग उठाई है। कहा कि सड़क दुरुस्त हो गई है तो उसे आरटीओ से यातायात के लिए मंजूरी दिलाएं।
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क्षेत्रवासियों को यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बीस साल पहले लोनिवि बैजरों ने मैठाणाघाट-तकुलसारी-रसिया महोदव मार्ग 12 किमी और मैठाणाघाट-बवांसा-रसिया महादेव मार्ग आठ किमी की कटिंग की थी। बीस साल से उपेक्षित पड़े ये दोनों मोटर मार्ग तंग मोड़, संकरी होने और मानकों के अनुरूप न कटे होने से आरटीओ से यातायात के लिए स्वीकृत नहीं हो पा रही हैं। क्षेत्र की प्रमुख सड़कें और कुमाऊं मंडल का शार्टकट रास्ता होने के कारण छोटे वाहन यात्रियों की जान जोखिम में डालकर आवाजाही करते हैं। अब तक इन सड़कों पर कई हादसे हो चुके हैं, जिसमें 15 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। मृतक परिवारों को सरकार से मुआवजा नहीं मिल सका है।
.
क्या कहते हैं अधिकारी
दोनों सड़कों को जेसीबी चलाकर दुरुस्त कर दिया गया है। बैजरों डिवीजन से इन दोनों सड़कों के दुरुस्त होने की जानकारी मिली है।
- मुलायम सिंह, अधीक्षण अभियंता लोनिवि पौड़ी।
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अमर उजाला ने नौ जनवरी के अंक में ‘लोनिवि की गलती 40 गांव पर भारी’ शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
इस पर शासन में हलचल हुई और इन मोटर मार्गों पर हुई गड़बड़ी पर जांच के आदेश दिए गए। शासन ने इन सड़कों पर तत्काल सुधारीकरण का कार्य करते हुए इन्हें यातायात के लायक बनाने के निर्देश दिए थे। जनवरी द्वितीय सप्ताह में लोनिवि के बैजरों खंड ने मैठाणाघाट-तकुलसारी-रसिया महोदव मार्ग पर जेसीबी भेजकर सुधारीकरण कार्य शुरू कराया। चार दिन जेसीबी चलने के बाद लोनिवि ने सड़क यातायात के लिए ठीक बताते हुए इतिश्री कर दिया। डिवीजन के अधिकारियों ने दोनों सड़कों को दुरुस्त होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को भेज दी है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है। क्षेत्रवासियों की मानें तो सड़क की स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ है, कुछ मोड़ों को जरूर थोड़ा ठीक किया है लेकिन ज्यादातर सड़क के हाल जस के तस हैं।
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बीरोंखाल के पूर्व प्रमुख दर्शन सिंह रिंगोड़ा, भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष मनवर सिंह, कुलसारी के प्रधान राजे सिंह, ग्वीन के प्रधान दिनेश रावत का कहना है कि दोनों सड़कें सरकारी उदासीनता और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के दावें की जमीनी हकीकत की जांच की मांग उठाई है। कहा कि सड़क दुरुस्त हो गई है तो उसे आरटीओ से यातायात के लिए मंजूरी दिलाएं।
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क्षेत्रवासियों को यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बीस साल पहले लोनिवि बैजरों ने मैठाणाघाट-तकुलसारी-रसिया महोदव मार्ग 12 किमी और मैठाणाघाट-बवांसा-रसिया महादेव मार्ग आठ किमी की कटिंग की थी। बीस साल से उपेक्षित पड़े ये दोनों मोटर मार्ग तंग मोड़, संकरी होने और मानकों के अनुरूप न कटे होने से आरटीओ से यातायात के लिए स्वीकृत नहीं हो पा रही हैं। क्षेत्र की प्रमुख सड़कें और कुमाऊं मंडल का शार्टकट रास्ता होने के कारण छोटे वाहन यात्रियों की जान जोखिम में डालकर आवाजाही करते हैं। अब तक इन सड़कों पर कई हादसे हो चुके हैं, जिसमें 15 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। मृतक परिवारों को सरकार से मुआवजा नहीं मिल सका है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
दोनों सड़कों को जेसीबी चलाकर दुरुस्त कर दिया गया है। बैजरों डिवीजन से इन दोनों सड़कों के दुरुस्त होने की जानकारी मिली है।
- मुलायम सिंह, अधीक्षण अभियंता लोनिवि पौड़ी।