{"_id":"a3874e6391597f0aa75813db088f59cd","slug":"invalid-riphiling-case-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घटतौली, अवैध रिफिलिंग का धंधा जोरों पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घटतौली, अवैध रिफिलिंग का धंधा जोरों पर
कोटद्वार
Updated Tue, 08 Dec 2015 08:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर और समीपवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी गैस सिलेंडरों से छोटे सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग का गोरखधंधा जोरों पर है जिससे उपभोक्ताओं को हर सिलेंडर में दो से तीन किलो तक गैस कम मिल रही है। लगातार शिकायत के बावजूद प्रशासन, बाटमाप विभाग और गैस एजेंसियां कार्रवाई करने में दिलचस्पी नहीं ले रही हैं। सरकारी मशीनरी की लापरवाही के चलते घटतौली करने वालों के हौसले बुलंद हैं जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
विगत कई महीनों से कोटद्वार नगर पालिका क्षेत्र, शिबूनगर, सिताबपुर, बालासौड़, पदमपुर, गाड़ीघाट, कुंभीचौड़, लालपानी, निंबूचौड़, घमंडपुर, कलालघाटी, मवाकोट आदि क्षेत्रों से लगातार कम वजन के एलपीजी गैस सिलेंडरों की शिकायतें आ रही हैं। लोग संबंधित एजेंसियों और प्रशासन को शिकायत कर चुके हैं, फिर भी कहीं कोई अंकुश लगता नजर नहीं आ रहा। प्रशासन एक आध बार छापे मारकर खानापूर्ती कर रहा है। बावजूद इसके घटतौली बेरोकटोक जारी है।
कहां गायब हो जाती है गैस
गैस एजेंसियों की मानें तो गैस प्लांट में आटोमेटिक रिफलिंग से सिलेंडर में पूरी गैस होती है, लेकिन उपभोक्ता के पास आते ही कम कैसे हो जाती है यह नहीं मालूम। सिलेंडर को प्लांट से गोदाम तक पहुंचाने वाले ट्रकों, एजेंसी गोदामों या फिर डिलीवरीमैन किसके स्तर पर यह सब होता है। आईओसी के नियमों के मुताबिक एलपीजी गैस उपभोक्ताओं को तोल कर गैस वितरित करने के निर्देश हैं, लेकिन इन नियमों को लागू कराने वाले बाट माप विभाग और स्थानीय प्रशासन आंखे मूंदे हुए है।
विज्ञापन
क्या कहते हैं उपभोक्ता
स्थानीय नागरिक अवतार सिंह तड़ियाल, शिवचरण सिंह सैनी, दीपक अग्रवाल, रवि बिष्ट, देशराज सिंह, महेश देवरानी का कहना है कि एजेंसी द्वारा भेजे गए एलपीजी गैस सिलेंडर को तौलने पर उनमें मानक से दो से तीन किलो तक गैस कम निकलती है। संबंधित अधिकारियों और गैस एजेंसी से सिलेंडर में कम गैस आपूर्ति की शिकायत की गई, मगर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। डिलीवरी मैन से शिकायत करने पर वह सिलेंडर वापस ले जाते हैं और फिर सिलेंडर लेकर नहीं आते।
जागो ग्राहक जागो
आईओसी द्वारा बनाए नियमों के आधार पर डिलीवरी मैन के पास तौलने वाला यंत्र होना आवश्यक है। घरेलू सिलेंडर में 14.2 किलोग्राम गैस होती है और खाली सिलेंडर का वजन उस पर लिखा होता है। घटतौली से बचने के लिए डिलीवरी प्वाइंट पर एजेंसी कर्मचारियों से वजन मापक यंत्र से तौल कर गैस सिलेंडर लें। एजेंसी ऐसा नहीं करती तो उपजिलाधिकारी अथवा बाट माप विभाग से शिकायत करें।
क्या कहते हैं अधिकारी
घटतौली की शिकायत काफी समय से आ रही है, लेकिन होम डिलीवरी वाला हाथ नहीं आ रहा है। पकड़े जाने पर साइकिल, सिलेंडर जब्त कर संबंधित एजेंसी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। होम डिलीवरी मैन से सिलेंडर तोल कर ही गैस प्राप्त करें।
-आलोक कुमार, निरीक्षक बाट एवं माप विभाग
गैस सिलेंडरों में गैस कम होने का मामला गंभीर है। इस प्रकार की अभी तक शिकायत नहीं आई है, ऐसा होने पर छापामारी की कार्रवाई की जाएगी। घटतोली पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-जीआर बिनवाल, एसडीएम
विज्ञापन
विगत कई महीनों से कोटद्वार नगर पालिका क्षेत्र, शिबूनगर, सिताबपुर, बालासौड़, पदमपुर, गाड़ीघाट, कुंभीचौड़, लालपानी, निंबूचौड़, घमंडपुर, कलालघाटी, मवाकोट आदि क्षेत्रों से लगातार कम वजन के एलपीजी गैस सिलेंडरों की शिकायतें आ रही हैं। लोग संबंधित एजेंसियों और प्रशासन को शिकायत कर चुके हैं, फिर भी कहीं कोई अंकुश लगता नजर नहीं आ रहा। प्रशासन एक आध बार छापे मारकर खानापूर्ती कर रहा है। बावजूद इसके घटतौली बेरोकटोक जारी है।
विज्ञापन
कहां गायब हो जाती है गैस
गैस एजेंसियों की मानें तो गैस प्लांट में आटोमेटिक रिफलिंग से सिलेंडर में पूरी गैस होती है, लेकिन उपभोक्ता के पास आते ही कम कैसे हो जाती है यह नहीं मालूम। सिलेंडर को प्लांट से गोदाम तक पहुंचाने वाले ट्रकों, एजेंसी गोदामों या फिर डिलीवरीमैन किसके स्तर पर यह सब होता है। आईओसी के नियमों के मुताबिक एलपीजी गैस उपभोक्ताओं को तोल कर गैस वितरित करने के निर्देश हैं, लेकिन इन नियमों को लागू कराने वाले बाट माप विभाग और स्थानीय प्रशासन आंखे मूंदे हुए है।
विज्ञापन
क्या कहते हैं उपभोक्ता
स्थानीय नागरिक अवतार सिंह तड़ियाल, शिवचरण सिंह सैनी, दीपक अग्रवाल, रवि बिष्ट, देशराज सिंह, महेश देवरानी का कहना है कि एजेंसी द्वारा भेजे गए एलपीजी गैस सिलेंडर को तौलने पर उनमें मानक से दो से तीन किलो तक गैस कम निकलती है। संबंधित अधिकारियों और गैस एजेंसी से सिलेंडर में कम गैस आपूर्ति की शिकायत की गई, मगर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। डिलीवरी मैन से शिकायत करने पर वह सिलेंडर वापस ले जाते हैं और फिर सिलेंडर लेकर नहीं आते।
जागो ग्राहक जागो
आईओसी द्वारा बनाए नियमों के आधार पर डिलीवरी मैन के पास तौलने वाला यंत्र होना आवश्यक है। घरेलू सिलेंडर में 14.2 किलोग्राम गैस होती है और खाली सिलेंडर का वजन उस पर लिखा होता है। घटतौली से बचने के लिए डिलीवरी प्वाइंट पर एजेंसी कर्मचारियों से वजन मापक यंत्र से तौल कर गैस सिलेंडर लें। एजेंसी ऐसा नहीं करती तो उपजिलाधिकारी अथवा बाट माप विभाग से शिकायत करें।
क्या कहते हैं अधिकारी
घटतौली की शिकायत काफी समय से आ रही है, लेकिन होम डिलीवरी वाला हाथ नहीं आ रहा है। पकड़े जाने पर साइकिल, सिलेंडर जब्त कर संबंधित एजेंसी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। होम डिलीवरी मैन से सिलेंडर तोल कर ही गैस प्राप्त करें।
-आलोक कुमार, निरीक्षक बाट एवं माप विभाग
गैस सिलेंडरों में गैस कम होने का मामला गंभीर है। इस प्रकार की अभी तक शिकायत नहीं आई है, ऐसा होने पर छापामारी की कार्रवाई की जाएगी। घटतोली पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-जीआर बिनवाल, एसडीएम