{"_id":"579ce1294f1c1bab0b21e21d","slug":"in-the-absence-of-information-to-lawyers-serving-student-affair","type":"story","status":"publish","title_hn":"जानकारी के अभाव में छात्र काट रहे वकीलों के चक्कर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जानकारी के अभाव में छात्र काट रहे वकीलों के चक्कर
अमर उजाला/श्रीनगर।
Updated Sat, 30 Jul 2016 10:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गढ़वाल विवि में प्रवेश के दौरान जानकारी नहीं मिलने से छात्र एंटी रैगिंग शपथ पत्र बनाने के लिए वकीलों के चक्कर काट रहे हैं। जबकि विवि प्रशासन ने पिछले वर्ष ही एंटी रैगिंग शपथ पत्र के लिए नोटरी से सत्यापन की बाध्यता समाप्त कर दी थी। विवि प्रशासन का कहना है कि छात्र एंटी रैगिंग के लिए 10 रुपये के शपथ पत्र पर स्वघोषणा कर सकता है।
विज्ञापन
गढ़वाल विवि में इन दिनों स्नातक स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। छात्र को विवि में प्रवेश के दौरान रैगिंग जैसी किसी भी गतिविधि में शामिल न होने के लिए शपथ पत्र देना होता है। पहले विवि प्रशासन छात्रों से एंटी रैगिंग के लिए नोटरी से सत्यापित शपथ पत्र मांगता था। इसके लिए छात्रों को एक सौ से डेढ़ सौ रुपये तक खर्च करने पड़ते थे। बाद में छात्रों की मांग पर गढ़वाल विवि प्रशासन ने शपथ पत्र के लिए नोटरी के सत्यापन को समाप्त कर दिया था। डीएसडब्ल्यू प्रो. जेपी पचौरी ने कहा कि एंटी रैगिंग शपथ पत्र के लिए छात्रों को नोटरी से तस्दीक कराने की जरूरत नहीं है। छात्र मात्र 10 रुपये के शपथ पत्र पर एंटी रैगिंग की स्वघोषणा कर सकते हैं। वहीं विवि प्रशासन की ओर से छात्रों को इस संबंध में उचित जानकारी नहीं देने पर छात्र नेता नीरज रैम्स, शिवानी पांडे, एकता, तृप्ति, शीला शर्मा ने आक्रोश जताया है। छात्रों का कहना है कि विवि प्रशासन प्रवेश के लिए काउंसिलिंग के दौरान केवल औपचारिकता निभा रहा है।
विज्ञापन