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जीआईसी सारी में रहा अवकाश, गांवों में मातम
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शिक्षकों की मृत्यु के बाद राजकीय इंटर कालेज सारी में पसरा सन्नाटा।
- फोटो : KOTDWAR
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कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर सड़क दुर्घटना में तीन शिक्षकों की मौत के बाद बुधवार को उनके विद्यालय राजकीय इंटर कालेज सारी और निकटवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों मातम पसरा रहा। शिक्षकों की मौत के शोक में विद्यालय में एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया गया।
मंगलवार को कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर क्रैंखाल के मोड़ पर शिक्षकों से भरी कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई थी, जिसमें जीआईसी सारी के अर्थशास्त्र के प्रवक्ता दीपक शाह, गणित की एलटी शिक्षक पूनम रावत और दीपक शाह की मृत्यु हो गई थी। जबकि शिक्षक जयवीर सिंह रावत और अरुण कुमार सैनी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे में घायल शिक्षक जयवीर सिंह रावत राजकीय बेस अस्पताल कोटद्वार में भर्ती हैं, उनका यहां उपचार चल रहा है। जबकि दूसरे घायल शिक्षक अरुण कुमार सैनी की कमर की हड्डी मेें चोट लगने के कारण उन्हें हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट रेफर किया गया है। चिकित्सकों ने दोनों घायल शिक्षकों को खतरे से बाहर बताया है। जीआईसी सारी के प्रधानाचार्य अनिल मैंदोला ने बताया कि विद्यालय के तीन शिक्षकों की मृत्यु के शोक में बुधवार को विद्यालय की छुट्टी कर दी गई।
स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
बुुधवार को दुर्घटना के दिन 108 सेवा की दुगड्डा एंबुलेंस के खराब होने पर समाजसेवी सुभाष पांडे और अरविंद वर्मा ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कहा कि दुर्घटना स्थल से एक एंबुलेंस ने दोनों घायल शिक्षकों को दुर्घटनास्थल से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दुगड्डा में छोड़ दिया, लेकिन पीएचसी दुगड्डा की ओर से घायलों को कोटद्वार पहुंचाने के लिए कोई प्रबंध नहीं किए गए। दोनों घायल एक घंटे तक दुगड्डा अस्पताल में तड़पते रहे। आरोप लगाया कि बाद में प्राइवेट एंबुलेंस से घायलों को बेस अस्पताल तक लाया गया। उन्होंने प्रशासन से संबंधित विभाग के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। वहीं पीएचसी दुगड्डा के चिकित्साधिकारी डॉ. फिरोज आलम ने बताया कि दुगड्डा पीएचसी के पास अपनी एंबुलेंस नहीं है। यहां की 108 एंबुलेंस दो दिन से खराब होने के कारण उसे मरम्मत के लिए देहरादून भेजा गया है।
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मंगलवार को कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर क्रैंखाल के मोड़ पर शिक्षकों से भरी कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई थी, जिसमें जीआईसी सारी के अर्थशास्त्र के प्रवक्ता दीपक शाह, गणित की एलटी शिक्षक पूनम रावत और दीपक शाह की मृत्यु हो गई थी। जबकि शिक्षक जयवीर सिंह रावत और अरुण कुमार सैनी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे में घायल शिक्षक जयवीर सिंह रावत राजकीय बेस अस्पताल कोटद्वार में भर्ती हैं, उनका यहां उपचार चल रहा है। जबकि दूसरे घायल शिक्षक अरुण कुमार सैनी की कमर की हड्डी मेें चोट लगने के कारण उन्हें हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट रेफर किया गया है। चिकित्सकों ने दोनों घायल शिक्षकों को खतरे से बाहर बताया है। जीआईसी सारी के प्रधानाचार्य अनिल मैंदोला ने बताया कि विद्यालय के तीन शिक्षकों की मृत्यु के शोक में बुधवार को विद्यालय की छुट्टी कर दी गई।
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स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
बुुधवार को दुर्घटना के दिन 108 सेवा की दुगड्डा एंबुलेंस के खराब होने पर समाजसेवी सुभाष पांडे और अरविंद वर्मा ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कहा कि दुर्घटना स्थल से एक एंबुलेंस ने दोनों घायल शिक्षकों को दुर्घटनास्थल से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दुगड्डा में छोड़ दिया, लेकिन पीएचसी दुगड्डा की ओर से घायलों को कोटद्वार पहुंचाने के लिए कोई प्रबंध नहीं किए गए। दोनों घायल एक घंटे तक दुगड्डा अस्पताल में तड़पते रहे। आरोप लगाया कि बाद में प्राइवेट एंबुलेंस से घायलों को बेस अस्पताल तक लाया गया। उन्होंने प्रशासन से संबंधित विभाग के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। वहीं पीएचसी दुगड्डा के चिकित्साधिकारी डॉ. फिरोज आलम ने बताया कि दुगड्डा पीएचसी के पास अपनी एंबुलेंस नहीं है। यहां की 108 एंबुलेंस दो दिन से खराब होने के कारण उसे मरम्मत के लिए देहरादून भेजा गया है।
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