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हाथियों के झुंड ने बागवानी और चारापत्ती की नष्ट, खंभे तोड़े
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दुगड्डा ब्लाक के आमसौड़ गांव में हाथियों द्वारा बागवानी को पहुंचाए गए नुकसान को दिखाता काश्तकार
- फोटो : KOTDWAR
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दुगड्डा ब्लॉक के अंतर्गत ग्रामसभा आमसौड़ में हाथियों के झुंड ने सोमवार रात को काश्तकारों की बागवानी को नष्ट कर दिया। साथ ही चारापत्ती को भी नुकसान पहुंचाया। हाथियों ने वन विभाग की ओर से लगाए गए सोलर फेंसिंग तारबाड़ के खंभे भी क्षतिग्रस्त कर दिए। काश्तकारों ने गांव में वनकर्मियों की गश्त बढ़ाने और बागवानी को हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग उठाई।
ग्रामीण इंद्रमोहन जुयाल ने बताया कि सोमवार रात करीब 11:00 बजे 10-12 हाथियों का झुंड नदी के रास्ते गांव पहुंचा। हाथियों ने इस दौरान वन विभाग की ओर से लगाए गए सोलर फेंसिंग तारबाड़ के खंभे तोड़ डाले। उन्होंने बताया कि नदी से सटे खेतों में जंगली जानवर लगातार फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कहा कि उन्होंने बरसात में आम के करीब 200 पौधे लगाए थे। हाथियों के झुंड ने सभी पौधे नष्ट कर डाले। इसके अलावा गौरव जुयाल और नितेश जुयाल के बगीचे में भी आम, नींबू, लीची व अमरूद के पेड़ों को नुकसान पहुंचाया। हाथियों के झुंड ने तिमला, गूलर, भीमल आदि चारापत्ती को भी नुकसान पहुंचाया। कहा कि हाथियों के झुंड के गांव में पहुंचने से खेतों में खड़ी धान की फसल को भी नुकसान पहुंचने का अंदेशा बना है।
ग्रामीणों की ओर से इस मामले की लिखित सूचना नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने पर घटनास्थल का मौका मुुआयना कर मुआवजे के लिए रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। क्षेत्र में वनकर्मियों की गश्त बढ़ाई जा रही है। - प्रमोद डोबरियाल, रेंज अधिकारी।
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ग्रामीण इंद्रमोहन जुयाल ने बताया कि सोमवार रात करीब 11:00 बजे 10-12 हाथियों का झुंड नदी के रास्ते गांव पहुंचा। हाथियों ने इस दौरान वन विभाग की ओर से लगाए गए सोलर फेंसिंग तारबाड़ के खंभे तोड़ डाले। उन्होंने बताया कि नदी से सटे खेतों में जंगली जानवर लगातार फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कहा कि उन्होंने बरसात में आम के करीब 200 पौधे लगाए थे। हाथियों के झुंड ने सभी पौधे नष्ट कर डाले। इसके अलावा गौरव जुयाल और नितेश जुयाल के बगीचे में भी आम, नींबू, लीची व अमरूद के पेड़ों को नुकसान पहुंचाया। हाथियों के झुंड ने तिमला, गूलर, भीमल आदि चारापत्ती को भी नुकसान पहुंचाया। कहा कि हाथियों के झुंड के गांव में पहुंचने से खेतों में खड़ी धान की फसल को भी नुकसान पहुंचने का अंदेशा बना है।
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ग्रामीणों की ओर से इस मामले की लिखित सूचना नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने पर घटनास्थल का मौका मुुआयना कर मुआवजे के लिए रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। क्षेत्र में वनकर्मियों की गश्त बढ़ाई जा रही है। - प्रमोद डोबरियाल, रेंज अधिकारी।
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