फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   Guldar goats imprisoned in the enclosure

गुलदार बकरियों के बाड़े में कैद

Mon, 26 Dec 2016 10:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला श्रीनगर
ब्यूरो/अमर उजाला श्रीनगर Updated Mon, 26 Dec 2016 10:30 PM IST
विज्ञापन
Guldar goats imprisoned in the enclosure
गुलदार बकरियों के बाड़े में - फोटो : अमर उजाला
 कीर्तिनगर तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत मुसाणगांव में एक गुलदार बकरियों के बाड़े में 24 घंटे से अधिक समय से कैद है। वन विभाग की टीम गुलदार को बाहर नहीं निकाल पाई है। कर्मियों ने गुलदार को बेहोश करने के लिए ट्रैंकुलाइजर गन से दो फायर भी किए, लेकिन चूक गए। देर शाम तक गुलदार पकड़ा नहीं जा सका।
विज्ञापन


लोगों का कहना है कि वन विभाग की टीम पर्याप्त संसाधनों के बिना गांव में पहुंची थी, जिससे गुलदार को पकड़ने की कार्रवाई औपचारिक रही।
घटनाक्रम के अनुसार, कीर्तिनगर से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित मुसाणगांव में खुशीराम ममगांई के बकरियों के बाड़े में रविवार शाम गुलदार घुस गया। बकरियों के मालिक खुशीराम बगल में ही रहते हैं।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि शाम को अंधेरा होने पर उन्होंने बकरियों को बाड़े में बंद कर दरवाजे पर कुंडी लगा दी थी। इस दौरान बिजली गुल हो गई। अंधेरा का फायदा उठाकर शाम लगभग सात बजे गुलदार बाड़े में लगी कुंडी को झटके से खोलकर अंदर घुस गया। दरवाजा खुलने की आवाज सुनकर वह तुरंत रोशनी लेकर बाड़े में पहुंचे। बाड़े के अंदर देखकर उनके होश उड़ गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


अंदर गुलदार था और वह एक बकरी मार चुका था। खुशीराम ने हिम्मत से काम लेते हुए रोशनी के सहारे सभी 23 बकरियों को बाहर निकाल लिया और दरवाजा बंद कर दिया।  ग्रामीणों ने गुलदार के बाड़े में कैद होने की सूचना वन विभाग को दी। विभागीय कर्मी रात में मौके पर पहुंच गए। सोमवार सुबह गुलदार को कैद करने के लिए बाड़े के बाहर पिंजड़ा लगाया गया।

इसके अलावा टीन की छत का एक हिस्सा हटाकर दो बार गुलदार को बेहोश करने की कोशिश की गई, लेकिन अंदर अंधेरा होने के कारण निशाना चूक गया। देर शाम तक गुलदार बाड़े के अंदर ही था।


गुलदार को ट्रैंकुलाइजर गन से बेहोश करने के लिए हरिद्वार से चिकित्सक बुलाया गया है। दरवाजे पर पिंजड़ा लगाया गया है। यदि गुलदार भागने की कोशिश करता है, तो इसमें फंस जाएगा। टीम मौके पर ही रहेगी।
-केएस रावत, रेंज अधिकारी माणिकनाथ रेंज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed