{"_id":"570a89f74f1c1bc365c810c8","slug":"girdle-restrictions-on-the-movement-of-tourists-on-road","type":"story","status":"publish","title_hn":"कमरपट्टा रोड पर पर्यटकों की आवाजाही पर रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कमरपट्टा रोड पर पर्यटकों की आवाजाही पर रोक
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटद्वार
Updated Sun, 10 Apr 2016 10:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कार्बेट टाइगर रिजर्व में आदमखोर बाघिन की तलाश में वन विभाग ने कांबिंग शुरू कर दी है। प्रमुख वन संरक्षक ने घटनास्थल का मुआयना कर हालात का जायजा लिया। बाघिन का पता न लगने की स्थिति में पार्क प्रशासन ने पार्क में कमरपट्टा रोड पर पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
विज्ञापन
कार्बेट टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क में शनिवार को एक वन कर्मी को मौत के घाट उतारने वाली बाघिन बताई जा रही है। वन विभाग के प्रमुख वन संरक्षक दिग्विजय सिंह खाती ने रविवार को यहां पहुंचकर घटना की जानकारी ली।
विज्ञापन
उनके आथ आनरेरी पार्क वार्डन कुंवर वृजेंद्र सिंह भी थे। अधिकारियों का कहना है कि हमलावर बाघ सैडिल बांध वाली बाघिन हो सकती है। पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए पार्क की कमरपट्टा रोड को बंद कर दिया गया है।
विज्ञापन
यहां पर्यटकों की आवाजाही बंद कर दी गई है। बाघिन को आदमखोर घोषित करने के लिए वार्ता चल रही है। मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये मदद दी जा रही है।
यूपी वाली हो सकती है आदमखोर बाघिन
कार्बेट नेशनल पार्क में 2013 से अब तक अकेले कालागढ़ रेंज में चौड़ा स्रोत में हरनंदी, सैडिल बांध मार्ग पर वन कर्मी राकेश, कृष्णपाल व अब सर्पदूली रेंज में हरिराम अब तक बाघिन का शिकार बन चुके हैं।
मशहूर शिकारी नवाब सैदबिन आसिफ ने संभावना जताई है कि यह यूपी वाली बाघिन भी हो सकती है। उस समय यह बढ़ापुर के वनों से गायब हो गई थी जिसका आज तक पता नहीं चला है।
इस बाघिन के शिकार करने के तरीके में भी समानता मिल रही है। जैसे ही कोई आवाज होती है, बाघिन उस पर हमला कर देती है। जिम कार्बेट की किताबों में भी ऐसी आदमखोर बाघिन का जिक्र मिलता है। जो कई वर्ष तक छिपने के बाद फिर से सक्रिय होकर घटनाओं को अंजाम देती हैं।
वन कर्मचारियों की सुरक्षा को भी खतरा
वनों मे सुरक्षा में लगे कर्मियो को इस बाघिन की वजह से खतरा पैदा हो गया है। अधिकांश वन कर्मी वनो मे जान पर खेलकर पैदल गश्त करते है। कई के पास तो हथियार भी नही होते है।
हालाकि कालागढ़ रेंज में ई-सर्विलांस की मदद से भी वनों में निगाह रखी जा रही है। उपनिदेशक डा. साकेत बडोला के अनुसार जंगल में अलर्ट घोषित किया गया है।