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Kotdwar News: केंद्रीय कॉलोनी में दिखे चार बाघ, जामनवाला में गुलदार ने बछड़े को मारा

Sun, 25 Aug 2024 10:50 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 25 Aug 2024 10:50 PM IST
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Four tigers seen in Central Colony, Guldar killed calf in Jamanwala

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कालागढ़/कोटद्वार। केंद्रीय काॅलोनी में चार बाघ देखे जाने से क्षेत्र में सनसनी फैली है। वहीं, जामनवाला में गुलदार ने एक घर में घुसकर बंधे बछड़े को निवाला बना लिया। आबादी के आसपास बाघ और गुलदार के होने की जानकारी कार्बेट टाइगर रिजर्व और संबंधित वन क्षेत्र के वनाधिकारियों को देकर ग्रामीणों की जान की सुरक्षा की गुहार लगाई गई है।

कालागढ़ की केंद्रीय काॅलोनी में 31 जुलाई की रात बाघ ने महिला टीना पत्नी नितिन पर हमला कर मार डाला था। अभी घटना को महज 25 दिन ही बीते हैं कि केंद्रीय कॉलोनी क्षेत्र में चार बाघ दिखाई दे चुके हैं। टीना की मौत के बाद से सदमे और दहशत में जी रहा परिवार घर बंद कर नई कॉलोनी में शरण लेने को मजबूर हो गया है। नितिन को आशंका है कि बाघ के आसपास होने पर वह फिर से हमला कर सकता है। उधर, सूखासोत, नई काॅलोनी, सीमा पर बसे दर्जनों गांव वन्य जीवों की दहशत में हैं। जामनवाला में मदन सिंह गोसाईं के घर के आंगन में बंधे बछड़े पर गुलदार ने हमला कर दिया। गुलदार जब बछड़े को दीवार फांदकर बाहर नहीं ले जा पाया, तो वहीं आंगन में ही बछड़े को निवाला बना डाला। शोर मचाने पर भी गुलदार काफी देर तक घर के आंगन में ही डटा रहा। ग्राम प्रधान चौधरी गीतेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी वन विभाग को दे दी गई है। गांव में दहशत का माहौल है। वहीं, कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक डी नायक का कहना है कि केंद्रीय कॉलोनी में चार बाघ दिखाई दे रहे हैं। क्षेत्र में गश्ती दलों को सतर्क किया गया है। उन्होंने जंगल से सटे आबादी वाले क्षेत्रों में भी लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी।
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-अब तक नहीं मिली आर्थिक सहायता

कालागढ़/कोटद्वार। केंद्रीय काॅलोनी में बाघ के हमले में पत्नी को खो चुके नितिन का कहना है कि अभी तक भी उसे आर्थिक सहायता नहीं मिली है। घर पर बूढ़ी मां, अबोध बच्ची और पालतू जानवरों को छोड़कर वह मजदूरी करने नहीं जा पा रहा है। जिससे रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने एक अगस्त को घर पर आकर तात्कालिक आर्थिक सहायता के लिए दो लाख रुपये का चेक सौंपा था और आगे की सहायता के लिए मृत्यु प्रमाणपत्र, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आदि जमा करने को कहा था। नितिन के परिजन अनिल कुमार ने बताया कि मृत्यु प्रमाणपत्र बनने में समस्या आ रही है। चिकित्सालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। चेक को कालागढ़ व रुड़की के बैंकों में जमा किया गया था, लेकिन भुगतान नहीं मिल पाया है। बैंक ने आपत्ति के साथ चेक वापस कर दिया है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी कारणों से चेक का भुगतान करने में दिक्कत आ रही है। अब विभाग प्रभावित परिवार को दो लाख रुपये भेज रहा है। शीघ्र ही भुगतान मिल जाएगा।
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