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पानी के लिए विदेशी महिला का हंगामा
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कोटद्वार जसंस्थान के ईई कार्यालय में हांगामा करती विदेशी महिला।
- फोटो : KOTDWAR
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जलसंस्थान कार्यालय में एक विदेशी महिला ने अधिकारियों पर क्षेत्र में पेयजल उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। उसने कार्यालय में धरना देकर अधिकारियों को खूब खरी खोटी सुनाई। कहा कि जल संस्थान की ओर से पानी की सुचारु रूप से नहीं आने पर एक बाल्टी पानी 50 रुपये में खरीदना पड़ रहा है। महिला पुलिस ने किसी प्रकार मामला शांत किया।
बृहस्पतिवार को जलसंस्थान कार्यालय पहुंची देवीखाल निवासी महिला जाना मधु ने बताया कि वह जर्मनी की मूल निवासी है। भारत की नागरिकता लेने के बाद पिछले दो वर्षों से देवीखाल में किराए के मकान में रह रही है। कहा कि पिछले दो महीने से देवीखाल क्षेत्र के छह गांव की पेयजल लाइन खराब हैं। उसकी मरम्मत के लिए एसडीएम से लेकर जलसंस्थान कार्यालय के चक्कर काट चुकी हूं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। लाइन की मरम्मत पर खुद के आठ सौ रुपये भी खर्च कर चुकी हूं। कहा कि क्षेत्र के गांवों में बच्चे और बुजुर्ग रहते हैं, जिन्हें सुबह जंगल के रास्ते होकर गदेरे के पास प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोना पड़ता है। जंगल में गुलदार का खतरा बना है और लोग जान जोखिम में डालकर प्राकृतिक स्रोत से पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। कहा कि वह गांव में किराए के मकान में अकेली रहती है और जंगल जाने में असमर्थ है। ऐसे में एक बाल्टी पानी के 50 रुपये देकर गांव के लोगों से अपने लिए पानी की व्यवस्था कर रही है। काफी देर तक महिला के हंगामा करने पर जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता एलसी रमोला ने पुलिस को बुला लिया। जलसंस्थान कार्यालय पहुंची पुलिस उपनिरीक्षक दीपा मल ने महिला को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी। काफी देर तक हंगामे के बाद महिला लिखित रूप से शिकायत देने को तैयार हुई, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
देवीखाल की एक महिला अपने मकान मालिक के पानी का कनेक्शन अपने नाम पर ट्रांसफर करने की जिद कर रही है। इसके लिए दबाव बनाने के लिए ही वह आरोप लगा रही है। क्षेत्र में पेयजल की कोई दिक्कत नहीं है। - एलसी रमोला, अधिशासी अभियंता, जलसंस्थान कोटद्वार।
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बृहस्पतिवार को जलसंस्थान कार्यालय पहुंची देवीखाल निवासी महिला जाना मधु ने बताया कि वह जर्मनी की मूल निवासी है। भारत की नागरिकता लेने के बाद पिछले दो वर्षों से देवीखाल में किराए के मकान में रह रही है। कहा कि पिछले दो महीने से देवीखाल क्षेत्र के छह गांव की पेयजल लाइन खराब हैं। उसकी मरम्मत के लिए एसडीएम से लेकर जलसंस्थान कार्यालय के चक्कर काट चुकी हूं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। लाइन की मरम्मत पर खुद के आठ सौ रुपये भी खर्च कर चुकी हूं। कहा कि क्षेत्र के गांवों में बच्चे और बुजुर्ग रहते हैं, जिन्हें सुबह जंगल के रास्ते होकर गदेरे के पास प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोना पड़ता है। जंगल में गुलदार का खतरा बना है और लोग जान जोखिम में डालकर प्राकृतिक स्रोत से पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। कहा कि वह गांव में किराए के मकान में अकेली रहती है और जंगल जाने में असमर्थ है। ऐसे में एक बाल्टी पानी के 50 रुपये देकर गांव के लोगों से अपने लिए पानी की व्यवस्था कर रही है। काफी देर तक महिला के हंगामा करने पर जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता एलसी रमोला ने पुलिस को बुला लिया। जलसंस्थान कार्यालय पहुंची पुलिस उपनिरीक्षक दीपा मल ने महिला को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी। काफी देर तक हंगामे के बाद महिला लिखित रूप से शिकायत देने को तैयार हुई, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
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देवीखाल की एक महिला अपने मकान मालिक के पानी का कनेक्शन अपने नाम पर ट्रांसफर करने की जिद कर रही है। इसके लिए दबाव बनाने के लिए ही वह आरोप लगा रही है। क्षेत्र में पेयजल की कोई दिक्कत नहीं है। - एलसी रमोला, अधिशासी अभियंता, जलसंस्थान कोटद्वार।
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