मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) ने दो दिवसीय भ्रमण के दौरान 12 से अधिक विद्यालयों और परीक्षा मूल्यांकन केंद्रों का निरीक्षण किया। इस मौके पर विद्यालयों से गैरहाजिर प्रधानाचार्य और शिक्षकों का स्पष्टीकरण तलब करते हुए सीईओ ने उनका वेतन रोकने के आदेश बीईओ को दिए। सीईओ ने सभी परीक्षा केंद्रों में मूल्यांकन प्रभारियों को पारदर्शिता से काम करने और इस प्रक्रिया को गोपनीय रखने के निर्देश दिए।
सीईओ ने पहले दिन इंटर कालेज परसुंडाखाल, जीआईसी मैटाकुंड, जीआईसी सतपुली होते हुए जीआईसी लैंसडौन का निरीक्षण किया, वहीं दूसरे दिन दुगड्डा, कोटद्वार और भाबर क्षेत्र के इंटर कालेजों में बनाए गए मूल्यांकन केंद्रों का निरीक्षण किया। सीईओ ने बताया कि निरीक्षण के दौरान जीआईसी सतपुली के प्रधानाचार्य विद्यालय खुलने के दिन से ही अनुपस्थित मिले। जबकि जीजीआईसी कलालघाटी के निरीक्षण के दौरान वहां प्रधानाचार्य समेत कोई भी शिक्षक मौजूद नहीं था। खंड शिक्षा अधिकारी अभिषेक शुक्ला को सभी के स्पष्टीकरण लेने और वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। जीआईसी कण्वघाटी में सीईओ ने परीक्षा मूल्यांकन कार्य निरीक्षक व शिक्षकों को दूरदर्शन पर चलने वाले पीएमई विद्या शिक्षण कार्यक्रम व आनलाइन शिक्षण को प्रभावी बनाने के टिप्स दिए। इस मौके पर डाइट के प्रवक्ता भारतभूषण परमार, प्रधानाचार्य रमाकांत कुकरेती, चंद्रमोहन, महेश रजवार, रघुवीर सिंह गुसाईं, केके शर्मा, राकेश मोहन ध्यानी और सुनीता बलूनी आदि मौजूद रहे।