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Kotdwar News: सेना की म्यूल कैंप वाली भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए
Mon, 31 Aug 2026 05:41 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Mon, 31 Aug 2026 05:41 PM IST
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कोटद्वार। कोटद्वार में सेना की म्यूल कैंप वाली भूमि पर अतिक्रमण हटाने की मांग तेज हो गई है। मिशन सांस्कृतिक कोटद्वार संस्था से जुड़े पूर्व सैनिकों की मांग पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने जिलाधिकारी गढ़वाल को कोटद्वार स्थित सैन्य भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने मामले को कार्रवाई के लिए एसडीएम कोटद्वार को पत्र भेजा है।
मिशन सांस्कृतिक कोटद्वार (एसएसके) संस्था के संयोजक सुनील बहुखंडी ने बताया कि रक्षा संपदा विभाग के अभिलेखाें में कोटद्वार में म्यूल कैंप के नाम से 15.773 एकड़ भूमि दर्ज है। नगर पालिका परिषद कोटद्वार के वर्ष 2007 के रिकॉर्ड में भी खसरा संख्या एक से 26 तक कुल 105 बीघा 18 बिस्वा भूमि म्यूल कैंप रक्षा विभाग के नाम दर्ज बताई गई है।
यह भी बताया गया कि रक्षा मंत्रालय ने वर्ष 1958 में इस भूमि में से 7.55 एकड़ भूमि नगर पालिका परिषद कोटद्वार को लीज पर दी थी। लीज की अवधि 1977 में समाप्त होने के बाद उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया। इसके बाद 5.07 एकड़ भूमि रक्षा विभाग को वापस मिल गई, जबकि शेष 2.48 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण होने की बात सामने आई है। पालिका प्रशासन पर लीज शर्तों का उल्लंघन कर शेष भूमि को नजूल बनाने का प्रयास करने का आरोप है। कहा कि सैनिक कल्याण मंत्री की पहल के बाद रक्षा भूमि की पैमाइश हो चुकी है।
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कई बार पत्राचार के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
एसएसके संस्था के अनुसार रक्षा संपदा कार्यालय ने वर्ष 2023 में नगर निगम से 2.08 एकड़ रक्षा भूमि खाली कराने और अतिक्रमण हटाकर कब्जा रक्षा विभाग को सौंपने का अनुरोध किया था। इसके बाद अक्टूबर 2023 में फिर पत्र भेजकर पूछा गया कि रक्षा भूमि को नजूल भूमि में किस अधिकार से परिवर्तित किया गया और अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम की ओर से क्या कार्रवाई की गई लेकिन इन बिंदुओं पर कोई संतोषजनक सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई है।
म्यूल कैंप की जमीन सेना के नाम पर है। खाली भी सेना को ही करानी है। सेना की ओर से जमीन खाली कराने को लेकर पुलिस प्रशासन से फोर्स अथवा मजिस्ट्रेट मांगा जाएगा तो उपलब्ध कराया जाएगा।
-संदीप कुमार, एसडीएम कोटद्वार
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मिशन सांस्कृतिक कोटद्वार (एसएसके) संस्था के संयोजक सुनील बहुखंडी ने बताया कि रक्षा संपदा विभाग के अभिलेखाें में कोटद्वार में म्यूल कैंप के नाम से 15.773 एकड़ भूमि दर्ज है। नगर पालिका परिषद कोटद्वार के वर्ष 2007 के रिकॉर्ड में भी खसरा संख्या एक से 26 तक कुल 105 बीघा 18 बिस्वा भूमि म्यूल कैंप रक्षा विभाग के नाम दर्ज बताई गई है।
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यह भी बताया गया कि रक्षा मंत्रालय ने वर्ष 1958 में इस भूमि में से 7.55 एकड़ भूमि नगर पालिका परिषद कोटद्वार को लीज पर दी थी। लीज की अवधि 1977 में समाप्त होने के बाद उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया। इसके बाद 5.07 एकड़ भूमि रक्षा विभाग को वापस मिल गई, जबकि शेष 2.48 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण होने की बात सामने आई है। पालिका प्रशासन पर लीज शर्तों का उल्लंघन कर शेष भूमि को नजूल बनाने का प्रयास करने का आरोप है। कहा कि सैनिक कल्याण मंत्री की पहल के बाद रक्षा भूमि की पैमाइश हो चुकी है।
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कई बार पत्राचार के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
एसएसके संस्था के अनुसार रक्षा संपदा कार्यालय ने वर्ष 2023 में नगर निगम से 2.08 एकड़ रक्षा भूमि खाली कराने और अतिक्रमण हटाकर कब्जा रक्षा विभाग को सौंपने का अनुरोध किया था। इसके बाद अक्टूबर 2023 में फिर पत्र भेजकर पूछा गया कि रक्षा भूमि को नजूल भूमि में किस अधिकार से परिवर्तित किया गया और अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम की ओर से क्या कार्रवाई की गई लेकिन इन बिंदुओं पर कोई संतोषजनक सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई है।
म्यूल कैंप की जमीन सेना के नाम पर है। खाली भी सेना को ही करानी है। सेना की ओर से जमीन खाली कराने को लेकर पुलिस प्रशासन से फोर्स अथवा मजिस्ट्रेट मांगा जाएगा तो उपलब्ध कराया जाएगा।
-संदीप कुमार, एसडीएम कोटद्वार