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पुरानी पेंशन बहाली के लिए सड़कों पर उतरे कर्मचारी
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कोटद्वार में पुरानी पेंशन योजना बहाली की मांग को लेकर रैली में प्रदर्शन करते कर्मचारी।
- फोटो : KOTDWAR
पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन की जिला पौड़ी इकाई ने कोटद्वार मेें रैली निकाली। रैली में विभिन्न विभागों के करीब 250 कर्मचारी शामिल और अपनी एक सूत्री मांग के समर्थन में तहसील में प्रदर्शन किया। इसके बाद कर्मचारियों ने नायब तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
बृहस्पतिवार को मुख्य संयोजक डॉ. महावीर सिंह बिष्ट के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के कर्मचारी जीआईसी कोटद्वार में एकत्र हुए और लालबत्ती चौक, नजीबाबाद रोड, झंडाचौक, बदरीनाथ मार्ग होते हुए तहसील परिसर तक नारेबाजी करते हुए हाथों में नारे लिखे पोस्टरों के साथ रैली निकाली। इसके बाद तहसील में प्रदर्शन किया। इससे पूर्व आयोजित सभा में आंदोलन के मुख्य संयोजक डॉ. महावीर बिष्ट ने कहा कि नई पेंशन योजना में जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं उनकी पेंशन तीन से चार हजार के करीब बन रही है। नई पेंशन योजना किसी भी तरह से कर्मचारियों के हित में नहीं है। इतनी कम पेंशन में सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। कहा कि वर्तमान में राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की घोषणा कर दी है।
सचिव अनूप जदली ने कहा कि विधायकों व सांसदों को एक दिन के कार्यकाल पर पेंशन मिल रही है, लेकिन कर्मचारियों को तीस से पैंतीस वर्ष तक अपनी सेवाएं देने के बाद भी पुरानी पेंशन योजना से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से 2004 के पश्चात नियुक्त कर्मियों की पुरानी पेंशन योजना की बहाली के लिए शासनादेश जारी करने की मांग की। इस अवसर पर संगठन के संरक्षक मनमोहन चौहान, जिला उपाध्यक्ष भास्कर भारद्वाज, वरदान बुड़ाकोटी, सरिता रौतेला, राजी नेगी, केके राज, कैलाश थपलियाल, अजय बिष्ट, अनिल कोटनाला और कुलदीप रावत आदि मौजूद थे।
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बृहस्पतिवार को मुख्य संयोजक डॉ. महावीर सिंह बिष्ट के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के कर्मचारी जीआईसी कोटद्वार में एकत्र हुए और लालबत्ती चौक, नजीबाबाद रोड, झंडाचौक, बदरीनाथ मार्ग होते हुए तहसील परिसर तक नारेबाजी करते हुए हाथों में नारे लिखे पोस्टरों के साथ रैली निकाली। इसके बाद तहसील में प्रदर्शन किया। इससे पूर्व आयोजित सभा में आंदोलन के मुख्य संयोजक डॉ. महावीर बिष्ट ने कहा कि नई पेंशन योजना में जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं उनकी पेंशन तीन से चार हजार के करीब बन रही है। नई पेंशन योजना किसी भी तरह से कर्मचारियों के हित में नहीं है। इतनी कम पेंशन में सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। कहा कि वर्तमान में राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की घोषणा कर दी है।
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सचिव अनूप जदली ने कहा कि विधायकों व सांसदों को एक दिन के कार्यकाल पर पेंशन मिल रही है, लेकिन कर्मचारियों को तीस से पैंतीस वर्ष तक अपनी सेवाएं देने के बाद भी पुरानी पेंशन योजना से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से 2004 के पश्चात नियुक्त कर्मियों की पुरानी पेंशन योजना की बहाली के लिए शासनादेश जारी करने की मांग की। इस अवसर पर संगठन के संरक्षक मनमोहन चौहान, जिला उपाध्यक्ष भास्कर भारद्वाज, वरदान बुड़ाकोटी, सरिता रौतेला, राजी नेगी, केके राज, कैलाश थपलियाल, अजय बिष्ट, अनिल कोटनाला और कुलदीप रावत आदि मौजूद थे।
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