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हाथियों ने तोड़ी दीवार, खेत किए चट
ब्यूरो/अमर उजाला कोटद्वार
Updated Sat, 21 Jan 2017 10:07 PM IST
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हाथ्ाी
- फोटो : अमर उजाला
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कोटद्वार। शुक्रवार रात कुंभीचौड़ गांव में आकर दो हाथियों ने चार घंटे तक जमकर उत्पात मचाया। उन्होंने लोगों की दीवार तोड़ डाली और सरसों और गेहूं से लहलहाते खेत चट कर डाले। लोगों ने अपने घरों की छत से कनस्तर बजाकर किसी प्रकार हाथियों को खदेड़ा। उन्होंने वन विभाग से जान माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
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राजकीय इंटर कालेज कुंभीचौड़ के पीछे के मोहल्ले में शुक्रवार रात दो बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब लोगों ने घर की दीवार टूटने की आवाज सुनी। लोगों ने घर के बाहर की लाइट जलाकर खिड़की से बाहर झांका तो घर के पास दो विशालकाय हाथी खड़े थे। रोशनी के कारण हाथी नजदीक के खेत में चले गए। उन्होंने खेत में उगी गेहूं और सरसों की फसल चट कर डाली।
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समाजसेवी जयश्वरी पुंडीर ने वन विभाग पर हाथियों को जंगल में नहीं रोकने का आरोप लगाया। कहा कि रात को दो हाथी गदेरों से निकलकर सड़क के रास्ते सीधे कुंभीचौड़ स्कूल के पास पहुंच गए। उन्होंने खेतों में जाने का रास्ता न पाकर अशोक खंतवाल की दीवार तोड़ डाली और उनके खेत में घुस गए। हाथियों ने करीब सात बीघा खेत पर उगी गेहूं की फसल रौंद डाली। लोगों ने कनस्तर बजाकर किसी प्रकार हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। उन्होंने वन विभाग से खेत और टूटी दीवार का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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उधर, रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल ने बताया कि हाथियों से लोगों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जा रही है।
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आबादी में धमक रहा हाथी
लोग घर में दुबकने को मजबूर
कुंभीचौड़-रामपुर में शाम ढलते ही दस्तक दे रहे हैं हाथी
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। लैंसडौन वन प्रभाग की लाख कोशिशों के बाद भी हाथी जंगल में नहीं रुक पा रहे हैं। हाथियों का झुंड आए दिन सनेह क्षेत्र की ग्रामीण आबादी में धमक रहा है। इसके कारण हाथी-मानव संघर्ष का अंदेशा बना हुआ है। शाम ढलते ही हाथी आबादी क्षेत्र में घुस कर नुकसान पहुंचा रहे हैं। लोग खौफ के साए में घरों में दुबकने को मजबूर हैं।
वर्ष 2014-15 में लैंसडौन वन प्रभाग की कोटद्वार रेंज के अंतर्गत सनेह क्षेत्र में जंगल से हाथी की रोकथाम के लिए सुरक्षा दीवार बनाई गई थी, लेकिन सुरक्षा दीवार का हाथियों पर कोई असर नहीं हो रहा है। कुंभीचौड़ से रामपुर तक आबादी क्षेत्र में आए दिन हाथी धमक रहे हैं। वे घरों की दीवार तोड़ने के साथ ही गेहूं की खेती को चट कर रौंद रहे हैं।
स्थानीय नागरिक मोहन सिंह रावत, सुदर्शन प्रसाद कोटनाला व कोमल सिंह रावत ने वन विभाग पर सनेह क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि विभाग की ओर से बनाई गई सुरक्षा दीवार मानकों के अनुरूप नहीं है। सुरक्षा दीवार इतनी नीचे है कि हाथी आसानी से इसको पार कर आबादी में धमककर आतंक फैला रहे हैं। शाम ढलते ही ग्रामीण घरों में दुबक जाते हैं।
उधर, कोटद्वार रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल ने बताया कि हाथी को जंगल में रोकने के लिए आबादी की ओर आने वाले रास्तों पर रात को आग लगाई जा रही है। साथ ही क्षेत्र में गश्त तेज कर दी गई है।