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शिक्षा के लिए जान भी खतरे में

Sat, 06 Aug 2016 10:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला काोटद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला काोटद्वार Updated Sat, 06 Aug 2016 10:44 PM IST
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Education for life in danger
स्‍ककूल - फोटो : अमर उजाला
शिक्षा के लिए जान भी खतरे में
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दुगड्डा। देश में बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ के नारे को बुलंद किया जा रहा है। मंदाल घाटी के इन बेटियों ने सरकार ही नहीं केंद्र को भी दिखा दिया है कि वे शिक्षा ग्रहण करने के लिए किसी भी खतरे को पार कर सकती हैं।  भले ही इन बेटियों की जान की किसी को परवाह नहीं हो, लेकिन इनके शिक्षा लेने के जजबे ने सरकार को आईना दिखाने का काम किया है। दस गांव की करीब पचास बेटियां रोज जान जोखिम में डालकर मंदाल नदी का तेज बहाव को पार कर अपने विद्यालय में शिक्षा लेने जाती हैं। लेकिन शासन प्रशासन और सरकारी महकमों को बेटी बचाव से कुछ लेना देना नहीं है।
18 सितंबर 2010 की भीषण बारिश के कारण मंदाल नदी में आए उफान से झर्त गांव में स्थापित झूला पुल ध्वस्त हो गया था। झूलापुल के स्थान पर नये पुल निर्माण न होने से निकटवर्ती गांव झर्त, ज्वालाचौड, उमराचौड, बसालीचौड, गजरजाल, गंगागॉव, खडी चौड, बीरोबाडी, चैरयूॅ, बवल्याणी के लोग बरसात में नदी का रौद्र रुप देखकर सहम जाते हैैं। जिसके कारण आवागमन ठप हो जाता है।
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नदी का जलस्तर बढ़ते ही हो जाती है छुट्टी
ग्रामीणों का कहना है कि विगत एक सप्ताह से नदी का जल स्तर बढ़ने से नदी पार बने राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुमाल्डी में बच्चे स्कूल नहीं जा पाए। बरसात में जब भी नदी का जलस्तर बढ़ता है तो करी 50 बच्चों के स्कूल की छुट्टी कर दी जाती है।
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अन्य दिनों में भी बच्चे नदी के तेज बहाव में बामुश्किल स्कूल  पहुंच पाते हैं, नदी पार करने में उनकी ड्रेस भीग जाती है।
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परेशानी ग्रामीणों की जुबानी
 झर्त गॉव के सहदेव सिंह, रणजीत सिंह, दीपेन्द्र सिंह, सुरेन्द्र सिंह आदि का कहना है कि पुल को बहे छह वर्ष होने को हैं। बार-बार लोक निर्माण विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल रहा है। गर्भवती व प्रसव पीड़ा वाली महिलाओं को कोटद्वार ले जाने के लिए चारपाई आदि में पांच किमी पैदल जंगल के रास्ते से मुख्यमार्ग तक पहुंचाते है। स्कूल की बच्चों को भी राजना नदी में बहने का खतरा बना रहता है।

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क्या कहते हैं अधिकारी
आपदा से क्षतिग्रस्त झूलापुल के स्थान पर ग्रामीणों की मांग के अनुरूप 200 मीटर आरसीसी पुल के निर्माण के लिये वित्तीय कार्यालय पौड़ी को प्रथम चरण 33.79 लाख तथा द्वितीय चरण का 948.54 लाख का आंगणन सितंबर 2015 में भेजा गया है। बजट आते ही पुलि निर्माण पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- एसपी उनियाल, सहायक अभियंता लोनिवि दुगड्डा  

जारी- नरेश थपलियाल
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