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Kotdwar News: चिकित्सक अब पर्चियों में जेनेरिक दवाएं ही लिखेंगे, ब्रांडेड नहीं
Thu, 07 May 2026 04:22 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Thu, 07 May 2026 04:22 PM IST
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मानवाधिकार आयोग के आदेश के बाद प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने जारी किए निर्देश
कोटद्वार। बेस अस्पताल में कार्यरत नियमित एवं संविदा चिकित्सक अब मरीजों को बाहर की दवाइयां ब्रांड नेम से नहीं लिख सकेंगे। चिकित्सक जरूरत पड़ने पर मरीजों को केवल जेनेरिक नेम से ही दवाइयां पर्ची में लिख सकेंगे। मरीजों को सभी दवाइयां अस्पताल से ही उपलब्ध कराई जाएगी। मानवाधिकार आयोग के आदेश के बाद प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक (पीएमएस) ने बेस अस्पताल में कार्यरत सभी चिकित्सा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।
पदमपुर सुखरो निवासी वरिष्ठ नागरिक बीएम गौड़ ने बताया कि बेस अस्पताल में दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद मरीजों को चिकित्सालय के बाहर मेडिकल स्टोरों से महंगी दवाइयां लिखी जा रही थी। इस बारे में कई बार मरीज और उनके तीमारदारों की ओर से शिकायतें मिल रही थी। उन्होंने मामला पीएमएस के समक्ष उठाया था जिस पर पीएमएस की ओर से बीते वर्ष 20 मई को सभी चिकित्साधिकारियों को केवल जेनेरिक नेम से ही दवाइयां पर्ची पर लिखने के निर्देश दिए गए थे लेकिन इसका अनुपालन नहीं हो रहा था। जिस पर उन्होंने मामले की शिकायत मानवाधिकार आयोग से की। आयोग ने मामले का निस्तारण करते हुए बेस अस्पताल प्रशासन को इस संबंध में कार्रवाई के आदेश जारी किए।
आयोग के आदेश के बाद बेस अस्पताल के पीएमएस डॉ. विजय सिंह ने बेस अस्पताल में कार्यरत सभी नियमित एवं संविदा चिकित्सा अधिकारियों को मरीजों की पर्चियों में चिकित्सालय में उपलब्ध दवाइयां व जेनेरिक दवाइयां ही लिखने व मरीजों को बाहर की दवाइयां कदापि न लिखने के निर्देश दिए हैं।
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कोटद्वार। बेस अस्पताल में कार्यरत नियमित एवं संविदा चिकित्सक अब मरीजों को बाहर की दवाइयां ब्रांड नेम से नहीं लिख सकेंगे। चिकित्सक जरूरत पड़ने पर मरीजों को केवल जेनेरिक नेम से ही दवाइयां पर्ची में लिख सकेंगे। मरीजों को सभी दवाइयां अस्पताल से ही उपलब्ध कराई जाएगी। मानवाधिकार आयोग के आदेश के बाद प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक (पीएमएस) ने बेस अस्पताल में कार्यरत सभी चिकित्सा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।
पदमपुर सुखरो निवासी वरिष्ठ नागरिक बीएम गौड़ ने बताया कि बेस अस्पताल में दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद मरीजों को चिकित्सालय के बाहर मेडिकल स्टोरों से महंगी दवाइयां लिखी जा रही थी। इस बारे में कई बार मरीज और उनके तीमारदारों की ओर से शिकायतें मिल रही थी। उन्होंने मामला पीएमएस के समक्ष उठाया था जिस पर पीएमएस की ओर से बीते वर्ष 20 मई को सभी चिकित्साधिकारियों को केवल जेनेरिक नेम से ही दवाइयां पर्ची पर लिखने के निर्देश दिए गए थे लेकिन इसका अनुपालन नहीं हो रहा था। जिस पर उन्होंने मामले की शिकायत मानवाधिकार आयोग से की। आयोग ने मामले का निस्तारण करते हुए बेस अस्पताल प्रशासन को इस संबंध में कार्रवाई के आदेश जारी किए।
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आयोग के आदेश के बाद बेस अस्पताल के पीएमएस डॉ. विजय सिंह ने बेस अस्पताल में कार्यरत सभी नियमित एवं संविदा चिकित्सा अधिकारियों को मरीजों की पर्चियों में चिकित्सालय में उपलब्ध दवाइयां व जेनेरिक दवाइयां ही लिखने व मरीजों को बाहर की दवाइयां कदापि न लिखने के निर्देश दिए हैं।
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