कोटद्वार। गत दो जुलाई को काशीरामपुर कौड़िया में उफनाए पनियाली गदेरे की बाढ़ और करंट के चपेट में आकर हुई तीन युवकों की मौत की मजिस्ट्रेटी जांच होगी। डीएम पौड़ी के निर्देश पर कोटद्वार के एसडीएम मनीष कुमार सिंह ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एसडीएम ने बताया कि पनियाली गदेरे से आपदा की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों से मलबा हटा दिया गया है। आमपड़ाव और इससे ऊपर वाले स्थानों पर भी मलबा हटाने और अतिक्रमण हटाने की कवायद शुरू कर दी गई है।
इस मानसून की पहली बारिश में ही गत दो जुलाई की सुबह पनियाली गदेरे की बाढ़ ने आमपड़ाव, मानपुर से लेकर सूर्यानगर, प्रतापनगर होते हुए काशीरामपुर कौड़िया तक तबाही मचाई थी। काशीरामपुर कौड़िया में घर के अंदर से सामान बचाने के चक्कर में करंट की चपेट में आने से तीन युवकों रणजीत सिंह पुत्र बलबीर सिंह, अरुण पुत्र स्व. कमल और शागुन पुत्र गुलशन की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस मामले में मजिस्ट्रेटी जांच होगी। एसडीएम कोटद्वार ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। एसडीएम ने इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों से एक सप्ताह के भीतर उनके कार्यालय में लिखित या मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा है। एसडीएम ने बताया कि पनियाली गदेरे को लेकर प्रशासन काफी सतर्क है। बाढ़ के हर संभावित कारण को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।