डांग गांव में घूम रहा गुलदार कैद
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कई घंटों की मशक्कत के बाद पालिका के सफाई कर्मियों की मदद से वन विभाग डांग गांव में घर में घुसे गुलदार को पकड़ने में सफल रहा। यहां बता दे कि पिछले तीन-चार दिन से गुलदार श्रीनगर से सटे डांग गांव में घूम रहा था। रविवार शाम वह एक आदमी पर हमला करने के बाद चक्की के निकट लोगों के किचन गार्डन में घुस गया। रात लगभग नौ बजे तक पत्थर फेंकने पर दूसरी ओर निकल गया, लेकिन सोमवार सुबह मजदूरों ने उसे एक निर्माणाधीन भवन के अंदर देखा। जिस पर वन विभाग और पुलिस मौके पर पहुंची। लगभग नौ बजे तक गुलदार को बेहोश करने वाली टीम भी आ गई, लेकिन ट्रैक्यूलाइजर गन से निशाना लेने के लिए स्थान नहीं मिल पा रहा था। बाद में सफाई कर्मियों ने खुले स्थान पर जाला लगा दिया, लेकिन गुलदार यहां से दूसरे कमरे में चला गया।
गुलदार को ट्रैंक्यूलाइजर के निशाने पर लेने के लिए एक सफाई कर्मी ने सीढ़ी के रास्ते गुलदार के निकट जाकर पत्थर से उसे भगाया। जैसे ही गुलदार निशाने पर आया, उसको ट्रैक्यूलाइजर गन से बेहोश कर दिया। बाद में बेहोश गुलदार को कर्मी पिंजड़े में रखकर पशु चिकित्सालय श्रीकोट ले गए। डीएफओ रमेश चंद्र ने बताया कि प्राथमिक उपचार के बाद गुलदार को चिड़ियापुर भेजा जा रहा है। पकड़ा गया गुलदार नर है और उसकी उम्र 12 से अधिक है। उसके कैनाइन दांत टूटे हैं। जिससे उसे शिकार करने में दिक्कत हो रही होगी। इसलिए वह बस्ती के समीप आया।
गन ने दिया धोखा
श्रीनगर। गुलदार को बेहोश करने वाले ट्रैक्यूलाइजर गन एक बार धोखा दे गई थी। जब विभागीय कर्मी गन पर प्रेशर बनाने के लिए हवा भरने लगे, तो उसने काम नहीं किया। हालांकि कुछ देर बाद गन काम कर गई। इस बीच रुद्रप्रयाग से भी गन मंगा ली गई।