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पूर्व पालिकाध्यक्ष की जमानत याचिका खारिज

Wed, 06 Jan 2016 09:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,कोटद्वार।
ब्यूरो/अमर उजाला,कोटद्वार। Updated Wed, 06 Jan 2016 09:26 PM IST
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नगर पालिका कोटद्वार की मुस्कान ज्योति कूड़ा निस्तारण योजना में हुए लाखों के घोटाले और गबन के मामले की आरोपी पूर्व पालिकाध्यक्ष शशि नैनवाल की जमानत याचिका एसीजेएम कोर्ट ने खारिज कर दी है।

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 कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में पौड़ी जेल भेजने के आदेश दिए हैं। पूर्व पालिकाध्यक्ष ने हाईकोर्ट के आदेश पर बुधवार को यहां एसीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था।
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दो जनवरी, 2014 को एसडीएम कोटद्वार ने नगर पालिका कोटद्वार की महत्वाकांक्षी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना एवं अन्य कार्यों में हुई वित्तीय अनियमितताओं तथा शासकीय धन के गबन/दुरुपयोग के मामले में कोतवाली पुलिस में सरकारी धन के दुरुपयोग, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में पूर्व पालिकाध्यक्ष शशि नैनवाल, तत्कालीन ईओ विजय पीएस चौहान, प्रभारी ईओ बालम सिंह और प्रधान लिपिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
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पुलिस ने इस मामले की विवेचना कर यहां न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की, जिसके खिलाफ पूर्व पालिकाध्यक्ष ने जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील की। जहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिल सकी। हाईकोर्ट ने भी इस मामले में निचली अदालत में ही उपस्थित होने के आदेश दिए थे।

सहायक अभियोजन अधिकारी अजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि बुधवार को पूर्व पालिका अध्यक्ष शशि नैनवाल ने यहां एसीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। बचाव पक्ष की ओर से उनकी जमानत याचिका दाखिल की गई, जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए हैं।

ये था मुस्कान ज्योति योजना घोटाला

इस योजना के तहत वर्ष 2011 में एक साल के लिए उत्तर प्रदेश की मुस्कान ज्योति संस्था के साथ नगर पालिका ने अनुबंध किया था, जिसमें उसे घर-घर से कूड़ा उठाने के बाद उसका प्रबंधन कर उससे खाद बनाना था। इसके लिए पालिका की ओर से संस्था को लाखों रुपये का भुगतान किया गया।


जांच में टेंडर प्रक्रिया अपनाए बिना संस्था को 24.79 लाख रुपये का भुगतान भी करना पाया गया था। इसमें संस्था आधे में ही काम छोड़कर चलती बनी। मुकदमा जांच अधिकारी तत्कालीन एसडीएम पूरण सिंह राणा की ओर से दर्ज कराया गया था।

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