{"_id":"59dcf90e4f1c1bd9798b5ca1","slug":"61507653902-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एससी,एसटी एक्ट में दोषसिद्ध होने पर छह माह का कारावास, चार हजार जुर्माना","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एससी,एसटी एक्ट में दोषसिद्ध होने पर छह माह का कारावास, चार हजार जुर्माना
Updated Tue, 10 Oct 2017 10:15 PM IST
विज्ञापन
कोटद्वार। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंवरसेन की अदालत ने मंगलवार को कोटद्वार कैंप कोर्ट में एससी एसटी एक्ट के मामले में दोषसिद्ध अभियुक्त को छह माह का कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपी को मारपीट, जान से मारने की धमकी और गालीगलौच की धाराओं में प्रत्येक में छह-छह महीने की सजा और एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी, लेकिन जुर्माना अलग-अलग वसूला जाएगा। जुर्माने की आधी रकम पीड़ित को देने के आदेश दिए गए हैं।
जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बताया कि मामला सतपुली तहसील की पट्टी मौंदाड़स्यू के चमडल गांव का है। 16 फरवरी, 2016 को ग्राम प्रधान रवींद्र कुमार की ओर से इसी गांव के निवासी मुकेश चंद्र के खिलाफ राजस्व पुलिस में एससी, एसटी एक्ट, मारपीट, गालीगलौच और जान से मारने की धमकी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। तहरीर के मुताबिक आरोपी मुकेश ने नशे में धुत होकर उसके भाई नरेंद्र और मां विमला देवी के साथ मारपीट, गालीगलौच करते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया था। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में प्रत्यक्षदर्शी एक व्यक्ति गवाही पेश की गई थी। इसके अलावा आठ गवाह भी पेश किए गए थे।
विज्ञापन
जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बताया कि मामला सतपुली तहसील की पट्टी मौंदाड़स्यू के चमडल गांव का है। 16 फरवरी, 2016 को ग्राम प्रधान रवींद्र कुमार की ओर से इसी गांव के निवासी मुकेश चंद्र के खिलाफ राजस्व पुलिस में एससी, एसटी एक्ट, मारपीट, गालीगलौच और जान से मारने की धमकी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। तहरीर के मुताबिक आरोपी मुकेश ने नशे में धुत होकर उसके भाई नरेंद्र और मां विमला देवी के साथ मारपीट, गालीगलौच करते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया था। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में प्रत्यक्षदर्शी एक व्यक्ति गवाही पेश की गई थी। इसके अलावा आठ गवाह भी पेश किए गए थे।
विज्ञापन