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लैंसडौन वन प्रभाग के जंगल से गायब हुए खैर के 7
Updated Sat, 07 Jul 2018 10:36 PM IST
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कोटद्वार। लैंसडौन वन प्रभाग के लालढांग रेंज में वन माफियों ने खैर के 125 हरे पेड़ों पर आरी चला दी। वन विभाग ने 47 पेड़ों की लकड़ी जब्त कर दो ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया, जबकि मौके पर 78 हरे पेड़ गायब मिले।
यमकेश्वर ब्लाक के दिबोगी गांव के महेंद्र सिंह और भोपाल सिंह ने गांव में खैर के पेड़ों की कटान के लिए 30-30 पेड़ों के कटान के लिए डीएफओ कार्यालय में आवेदन किया था, जिसमें विभाग की ओर से भोपाल सिंह को 30 पेड़ काटने की मंजूरी दे दी, जबकि महेंद्र सिंह को नहीं दी। बावजूद इसके दोनों ग्रामीणों ने वन माफियों के साथ मिलकर 30 पेड़ के कटाने की अनुमति की आड़ में 47 पेड़ काट दिए। शुक्रवार शाम को मुखबिर की सूचना पर लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ वैभव सिंह ने वन अधिकारियों के साथ दिबोगी गांव में छापा मारा। उन्होंने देखा कि ग्रामीणों ने 30 की आड़ में 47 खैर के हरे पेड़ काटे हैं। उन्होंने अधिकारियों को 47 पेड़ की लकड़ी जब्त करने और दोनों ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज करने करे कहा। डीएफओ ने देखा कि जंगल से खैर के बिना इजाजत के 78 पेड़ गायब थे। उन्होंने अधिकारियों को पेड़ तलाशने के निर्देश दिए। लैंसडौन वन प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी जेसी बेलवाल ने बताया कि 78 पेड़ गायब होने की जानकारी जुटाई जा रही है। शीघ्र गायब हुई लकड़ी का पता लगा लिया जाएगा। दोनों ग्रामीण महेंद्र सिंह और भोपाल सिंह के खिलाफ वृक्ष संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। वहीं इससे पूर्व चार जुलाई को यमकेश्वर ब्लाक के तल्ला बणास क्षेत्र में 60 पेड़ों के कटान की आड़ में 116 हरे पेड़ काटे जाने का मामला प्रकाश में आया था। इसमें वन विभाग ने लकड़ी जब्त कर दो ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
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यमकेश्वर ब्लाक के दिबोगी गांव के महेंद्र सिंह और भोपाल सिंह ने गांव में खैर के पेड़ों की कटान के लिए 30-30 पेड़ों के कटान के लिए डीएफओ कार्यालय में आवेदन किया था, जिसमें विभाग की ओर से भोपाल सिंह को 30 पेड़ काटने की मंजूरी दे दी, जबकि महेंद्र सिंह को नहीं दी। बावजूद इसके दोनों ग्रामीणों ने वन माफियों के साथ मिलकर 30 पेड़ के कटाने की अनुमति की आड़ में 47 पेड़ काट दिए। शुक्रवार शाम को मुखबिर की सूचना पर लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ वैभव सिंह ने वन अधिकारियों के साथ दिबोगी गांव में छापा मारा। उन्होंने देखा कि ग्रामीणों ने 30 की आड़ में 47 खैर के हरे पेड़ काटे हैं। उन्होंने अधिकारियों को 47 पेड़ की लकड़ी जब्त करने और दोनों ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज करने करे कहा। डीएफओ ने देखा कि जंगल से खैर के बिना इजाजत के 78 पेड़ गायब थे। उन्होंने अधिकारियों को पेड़ तलाशने के निर्देश दिए। लैंसडौन वन प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी जेसी बेलवाल ने बताया कि 78 पेड़ गायब होने की जानकारी जुटाई जा रही है। शीघ्र गायब हुई लकड़ी का पता लगा लिया जाएगा। दोनों ग्रामीण महेंद्र सिंह और भोपाल सिंह के खिलाफ वृक्ष संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। वहीं इससे पूर्व चार जुलाई को यमकेश्वर ब्लाक के तल्ला बणास क्षेत्र में 60 पेड़ों के कटान की आड़ में 116 हरे पेड़ काटे जाने का मामला प्रकाश में आया था। इसमें वन विभाग ने लकड़ी जब्त कर दो ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
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