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उरेगी गांव में हुई हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास
Updated Thu, 14 Jun 2018 11:04 PM IST
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कोटद्वार। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पट्टी पैंडलस्यूं के ग्राम उरेगी में पिछले साल हुई हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बताया कि पिछले वर्ष सात अक्तूबर को पट्टी पैंडलस्यूं के ग्राम उरेगी निवासी गणेशी देवी अपने दो पुत्रों के पास कोटद्वार आई हुई थी। तब उसका तीसरा पुत्र संजय कुमार गांव में घर पर अकेला था। रात को गांव के ही विमल नेगी पुत्र भरोसी नेगी ने संजय के लिए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए लाठी डंडों से मारपीट कर उसका सिर दीवार पर पटक दिया। उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर गणेशी देवी ने गांव पहुंचकर आठ अक्तूबर को पैंडलस्यू पटवारी चौकी में तहरीर दी थी। मामले में आरोपी विमल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था।
शासकीय अधिवक्ता अवनीश ने बताया कि मामले में उनकी ओर से कुल दस गवाह पेश किए गए। जिला सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विमल नेगी को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बताया कि पिछले वर्ष सात अक्तूबर को पट्टी पैंडलस्यूं के ग्राम उरेगी निवासी गणेशी देवी अपने दो पुत्रों के पास कोटद्वार आई हुई थी। तब उसका तीसरा पुत्र संजय कुमार गांव में घर पर अकेला था। रात को गांव के ही विमल नेगी पुत्र भरोसी नेगी ने संजय के लिए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए लाठी डंडों से मारपीट कर उसका सिर दीवार पर पटक दिया। उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर गणेशी देवी ने गांव पहुंचकर आठ अक्तूबर को पैंडलस्यू पटवारी चौकी में तहरीर दी थी। मामले में आरोपी विमल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था।
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शासकीय अधिवक्ता अवनीश ने बताया कि मामले में उनकी ओर से कुल दस गवाह पेश किए गए। जिला सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विमल नेगी को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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