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Kotdwar News: तीलू रौतेली चौक में घंटाघर बनाने पर भड़के कांग्रेसी
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कोटद्वार। जिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तीलू रौतेली चौक के स्थान पर घंटाघर बनाए जाने के विरोध में सोमवार को जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए तीलू रौतेली चौक को यथावत रखने और उनकी प्रतिमा चौराहे के बीचोंबीच स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा है।
सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ता मालवीय उद्यान स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में एकत्र हुए, यहां से वह नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने कहा कि कोटद्वार समेत गढ़वाल के जनमानस की मांग पर लालबत्ती चौराहे का नाम वीरबाला तीलू रौतेली के नाम से रखने और उनकी प्रतिमा स्थापित करने की मांग की थी। नगर निगम बोर्ड में प्रस्ताव पारित होने के बाद इस चौराहे का नाम तीलू रौतली चौक रखा गया। साथ ही चौराहे के पास ही उनकी प्रतिमा भी स्थापित की गई है जो कि चौराहे के बीचों-बीच स्थापित होनी थी। कहा कि प्रदेश सरकार ने तीलू रौतेली चौक में घंटाघर बनाने का निर्णय लिया है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरा रोष व्याप्त है।
कोटद्वार विधानसभा में मेडिकल कॉलेज, लालढांग-चिलरखाल मोटर मार्ग, केंद्रीय विद्यालय, आपदा से क्षतिग्रस्त मालन पुल का निर्माण और ऐतिहासिक स्थली कण्वाश्रम का विकास पिछले दस सालों से अवरूद्ध है। प्रदेश सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, वीरता, शौर्य और मातृशक्ति के सशक्तिकरण की प्रतीक वीरबाला तीलू रौतेली चौक के अस्तित्व को मिटाकर जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। ज्ञापन सौंपने वालों में कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनोद डबराल, महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश महामंत्री रंजना रावत, बलवीर सिंह रावत, प्रवेश रावत, सुधा असवाल, शंकेश्वर प्रसाद सेमवाल, गोपाल सिंह गुसाईं, कृपाल सिंह नेगी, बीरेंद्र सिंह रावत, अजीत नेगी और प्रदीप नेगी आदि शामिल रहे।
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सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ता मालवीय उद्यान स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में एकत्र हुए, यहां से वह नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने कहा कि कोटद्वार समेत गढ़वाल के जनमानस की मांग पर लालबत्ती चौराहे का नाम वीरबाला तीलू रौतेली के नाम से रखने और उनकी प्रतिमा स्थापित करने की मांग की थी। नगर निगम बोर्ड में प्रस्ताव पारित होने के बाद इस चौराहे का नाम तीलू रौतली चौक रखा गया। साथ ही चौराहे के पास ही उनकी प्रतिमा भी स्थापित की गई है जो कि चौराहे के बीचों-बीच स्थापित होनी थी। कहा कि प्रदेश सरकार ने तीलू रौतेली चौक में घंटाघर बनाने का निर्णय लिया है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरा रोष व्याप्त है।
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कोटद्वार विधानसभा में मेडिकल कॉलेज, लालढांग-चिलरखाल मोटर मार्ग, केंद्रीय विद्यालय, आपदा से क्षतिग्रस्त मालन पुल का निर्माण और ऐतिहासिक स्थली कण्वाश्रम का विकास पिछले दस सालों से अवरूद्ध है। प्रदेश सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, वीरता, शौर्य और मातृशक्ति के सशक्तिकरण की प्रतीक वीरबाला तीलू रौतेली चौक के अस्तित्व को मिटाकर जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। ज्ञापन सौंपने वालों में कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनोद डबराल, महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश महामंत्री रंजना रावत, बलवीर सिंह रावत, प्रवेश रावत, सुधा असवाल, शंकेश्वर प्रसाद सेमवाल, गोपाल सिंह गुसाईं, कृपाल सिंह नेगी, बीरेंद्र सिंह रावत, अजीत नेगी और प्रदीप नेगी आदि शामिल रहे।
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