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Kotdwar News: रामलीला से पहले जर्जर भवन की चिंता, छत से टपक रहा पानी
Sun, 20 Sep 2026 07:13 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 20 Sep 2026 07:13 PM IST
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जुटने वाली भीड़ की सुरक्षा को लेकर खड़े हो रहे हैं सवाल
उत्तरकाशी। जिला मुख्यालय में पांच अक्तूबर से रामलीला का मंचन शुरू होने जा रहा है लेकिन आयोजन स्थल रामलीला भवन की जर्जर हालत ने तैयारियों के बीच चिंता बढ़ा दी है। भवन की छत से पानी टपक रहा है और कई हिस्सों में दरारें पड़ चुकी हैं। ऐसे में रामलीला के दौरान जुटने वाली भीड़ की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। समिति ने आयोजन से पहले भवन की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।
रामलीला भवन शहर की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां रामलीला के अलावा माघ मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम, धार्मिक अनुष्ठान, राजनीतिक कार्यक्रम, चुनाव के दौरान वाहनों की रवानगी और बग्वाल समेत कई बड़े आयोजन होते हैं। इसके बावजूद भवन की मरम्मत और रखरखाव को लेकर अब तक अपेक्षित काम नहीं हो पाया है।
रामलीला समिति के अध्यक्ष डॉ. जयेंद्र सिंह पंवार ने बताया कि भवन की स्थिति के संबंध में नगर पालिका और जिला प्रशासन को कई बार लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि रामलीला का मंचन नजदीक है, इसलिए आयोजन से पहले भवन का निरीक्षण कर जरूरी मरम्मत कराई जानी चाहिए। समिति ने छत की मरम्मत के साथ भवन की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
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समिति का कहना है कि रामलीला भवन शहर की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है, इसलिए इसके संरक्षण और रखरखाव पर ध्यान दिया जाना जरूरी है। वहीं, नगर पालिका की ईओ शालिनी चित्राण ने बताया कि रामलीला भवन की मरम्मत के लिए जेई को इस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
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उत्तरकाशी। जिला मुख्यालय में पांच अक्तूबर से रामलीला का मंचन शुरू होने जा रहा है लेकिन आयोजन स्थल रामलीला भवन की जर्जर हालत ने तैयारियों के बीच चिंता बढ़ा दी है। भवन की छत से पानी टपक रहा है और कई हिस्सों में दरारें पड़ चुकी हैं। ऐसे में रामलीला के दौरान जुटने वाली भीड़ की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। समिति ने आयोजन से पहले भवन की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।
रामलीला भवन शहर की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां रामलीला के अलावा माघ मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम, धार्मिक अनुष्ठान, राजनीतिक कार्यक्रम, चुनाव के दौरान वाहनों की रवानगी और बग्वाल समेत कई बड़े आयोजन होते हैं। इसके बावजूद भवन की मरम्मत और रखरखाव को लेकर अब तक अपेक्षित काम नहीं हो पाया है।
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रामलीला समिति के अध्यक्ष डॉ. जयेंद्र सिंह पंवार ने बताया कि भवन की स्थिति के संबंध में नगर पालिका और जिला प्रशासन को कई बार लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि रामलीला का मंचन नजदीक है, इसलिए आयोजन से पहले भवन का निरीक्षण कर जरूरी मरम्मत कराई जानी चाहिए। समिति ने छत की मरम्मत के साथ भवन की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
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समिति का कहना है कि रामलीला भवन शहर की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है, इसलिए इसके संरक्षण और रखरखाव पर ध्यान दिया जाना जरूरी है। वहीं, नगर पालिका की ईओ शालिनी चित्राण ने बताया कि रामलीला भवन की मरम्मत के लिए जेई को इस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।