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गुलदार के हमले से बाल-बाल बचे बच्चे
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रिखणीखाल क्षेत्र में गुलदार की दहशत बनी हुई है। सोमवार देर शाम को एक बार फिर से गुलदार ने नेपाली मूल के श्रमिकों के डेरे में हमला कर दिया, जिसमें श्रमिकों के बच्चे बाल-बाल बचे।
सोमवार को देर शाम करीब सात बजे अंगणी गांव से तीन किमी दूर सनेता गांव के पास सड़क कार्य में लगे नेपाली श्रमिक कमल बहादुर, बल बहादुर, दीपेंद्र बहादुर अपने डेरे में बच्चों के साथ बैठे हुए थे। तभी अचानक गुुलदार ने बच्चों पर हमला कर दिया। नेपाली श्रमिकों ने हल्ला कर किसी प्रकार गुलदार को वहां से भगाया। गुलदार के हमले में कोई घायल नहीं हुआ। गुलदार के भय से नेपाली श्रमिक परिवार ने रात को ही अपना डेरा छोड़कर अंगणी गांव के मंदिर में शरण ली। उन्होंने रात गांव के मंदिर में गुलदार के खौफ के साए में गुजारी।
स्थानीय रमेश सिंह रावत, जितेंद्र सिंह चौहान ने वन विभाग से गुलदार से लोगों की सुरक्षा करने और हमलावर गुलदार को आदमखोर घोषित करने की मांग की। कहा कि गुलदार लगातार लोगों पर हमला कर रहा है, जिससे लोग दहशत में हैं। बच्चे अकेले स्कूल जाने से डर रहे हैं। इसलिए वन विभाग को खुद ही खतरे का संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए।
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उधर, गढ़वाल वन प्रभाग की पोखड़ा रेंज अधिकारी राखी जुयाल ने बताया कि अंगणी गांव के क्षेत्र में गुलदार की लगातार मूवमेंट दिखाई दे रही है। क्षेत्र में वन कर्मियों की तैनाती की गई है, वे लगातार गश्त कर रहे हैं। गुलदार को पकड़ने के लिए अंगणी गांव में पहले से ही एक पिंजरा लगाया गया है। साथ ही एक और पिंजरा गुलदार के क्षेत्र में लगाया जा रहा है।
बच्चों को अकेले स्कूल नहीं भेजने की अपील
कोटद्वार। क्षेत्र में गुलदार की दहशत को देखते हुए जीआईसी कुलानीखाल के प्रभारी प्रधानाचार्य पीएस चौहान ने अभिभावकों के लिए लिखित में अपील जारी की है। अपील में प्रधानाचार्य ने कहा कि क्षेत्र में गुलदार लगातार लोगों पर हमले कर रहा है। इसलिए बच्चों का अकेला विद्यालय आना-जाना खतरे से खाली नहीं है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ समूह में विद्यालय आने और छुट्टी के बाद अपने बच्चों को घर ले जाने की अपील की है। प्रधानाचार्य ने इसकी एक प्रति खंड शिक्षा अधिकारी रिखणीखाल को भी जारी की है।
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सोमवार को देर शाम करीब सात बजे अंगणी गांव से तीन किमी दूर सनेता गांव के पास सड़क कार्य में लगे नेपाली श्रमिक कमल बहादुर, बल बहादुर, दीपेंद्र बहादुर अपने डेरे में बच्चों के साथ बैठे हुए थे। तभी अचानक गुुलदार ने बच्चों पर हमला कर दिया। नेपाली श्रमिकों ने हल्ला कर किसी प्रकार गुलदार को वहां से भगाया। गुलदार के हमले में कोई घायल नहीं हुआ। गुलदार के भय से नेपाली श्रमिक परिवार ने रात को ही अपना डेरा छोड़कर अंगणी गांव के मंदिर में शरण ली। उन्होंने रात गांव के मंदिर में गुलदार के खौफ के साए में गुजारी।
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स्थानीय रमेश सिंह रावत, जितेंद्र सिंह चौहान ने वन विभाग से गुलदार से लोगों की सुरक्षा करने और हमलावर गुलदार को आदमखोर घोषित करने की मांग की। कहा कि गुलदार लगातार लोगों पर हमला कर रहा है, जिससे लोग दहशत में हैं। बच्चे अकेले स्कूल जाने से डर रहे हैं। इसलिए वन विभाग को खुद ही खतरे का संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए।
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उधर, गढ़वाल वन प्रभाग की पोखड़ा रेंज अधिकारी राखी जुयाल ने बताया कि अंगणी गांव के क्षेत्र में गुलदार की लगातार मूवमेंट दिखाई दे रही है। क्षेत्र में वन कर्मियों की तैनाती की गई है, वे लगातार गश्त कर रहे हैं। गुलदार को पकड़ने के लिए अंगणी गांव में पहले से ही एक पिंजरा लगाया गया है। साथ ही एक और पिंजरा गुलदार के क्षेत्र में लगाया जा रहा है।
बच्चों को अकेले स्कूल नहीं भेजने की अपील
कोटद्वार। क्षेत्र में गुलदार की दहशत को देखते हुए जीआईसी कुलानीखाल के प्रभारी प्रधानाचार्य पीएस चौहान ने अभिभावकों के लिए लिखित में अपील जारी की है। अपील में प्रधानाचार्य ने कहा कि क्षेत्र में गुलदार लगातार लोगों पर हमले कर रहा है। इसलिए बच्चों का अकेला विद्यालय आना-जाना खतरे से खाली नहीं है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ समूह में विद्यालय आने और छुट्टी के बाद अपने बच्चों को घर ले जाने की अपील की है। प्रधानाचार्य ने इसकी एक प्रति खंड शिक्षा अधिकारी रिखणीखाल को भी जारी की है।