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Kotdwar News: बच्चे शिक्षा लेने के लिए जंगल के रास्ते चल रहे हैं पांच किमी. पैदल
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बीरोंखाल ब्लॉक की ग्राम पंचायत नानस्यूं के तीन गांव में सड़क नहीं पहुंचने से यहां के बच्चों को शिक्षा लेने के लिए जंगल के रास्ते पांच किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। सड़क स्वीकृत होने के बाद भी गत आठ महीने से विभाग सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो कर सका है। बच्चे खतरे की जद में शिक्षा लेेने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों और छात्रों की समस्या को देखते हुए सरकार ने गत अप्रैल में काशीपुर-बुआखाल हाईवे से नानस्यूं, पंजेणा, टंडोला गांव के लिए आठ किलोमीटर मोटर मार्ग स्वीकृत किया था। लेकिन विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण आज तक सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ है।
ग्राम प्रधान रमेश नेगी ने कहा कि सड़क नहीं होने से गांवों के बच्चों ने हाईस्कूल की शिक्षा के लिए पांच किमी. जंगल के रास्ते हाईवे तक पैदल और वहां से तीन किमी. टैक्सी से (आठ किमी.) राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जिवई और इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए पहले पांच किमी. जंगली रास्ते पर पैदल चलकर काशीपुर हाईवे तक और वहां से सात किलोमीटर टैक्सी से 12 किलोमीटर जीआईसी बैजरो जाना पड़ता है। जंगल का रास्ता होने के कारण जंगली जानवरों को खतरा बना रहता है। कई बार लोनिवि बैजरो को सड़क निर्माण का कार्य शुरू करने को लेकर लिखित और मौखिक शिकायत की गई। बावजूद इसके अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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काशीपुर-बुआखाल हाईवे से कंडोला गांव के लिए स्वीकृत आठ किलोमीटर मोटर मार्ग के सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है। शीघ्र सड़क निर्माण की कार्रवाई की जाएगी।
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ग्रामीणों और छात्रों की समस्या को देखते हुए सरकार ने गत अप्रैल में काशीपुर-बुआखाल हाईवे से नानस्यूं, पंजेणा, टंडोला गांव के लिए आठ किलोमीटर मोटर मार्ग स्वीकृत किया था। लेकिन विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण आज तक सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ है।
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ग्राम प्रधान रमेश नेगी ने कहा कि सड़क नहीं होने से गांवों के बच्चों ने हाईस्कूल की शिक्षा के लिए पांच किमी. जंगल के रास्ते हाईवे तक पैदल और वहां से तीन किमी. टैक्सी से (आठ किमी.) राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जिवई और इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए पहले पांच किमी. जंगली रास्ते पर पैदल चलकर काशीपुर हाईवे तक और वहां से सात किलोमीटर टैक्सी से 12 किलोमीटर जीआईसी बैजरो जाना पड़ता है। जंगल का रास्ता होने के कारण जंगली जानवरों को खतरा बना रहता है। कई बार लोनिवि बैजरो को सड़क निर्माण का कार्य शुरू करने को लेकर लिखित और मौखिक शिकायत की गई। बावजूद इसके अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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काशीपुर-बुआखाल हाईवे से कंडोला गांव के लिए स्वीकृत आठ किलोमीटर मोटर मार्ग के सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है। शीघ्र सड़क निर्माण की कार्रवाई की जाएगी।
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