फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   Bond 93 who fill the missing doctor

बांड भरने वाले 93 चिकित्सक गायब

Sun, 16 Oct 2016 09:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर Updated Sun, 16 Oct 2016 09:51 PM IST
विज्ञापन

राजकीय मेडिकल कालेजों से पास आउट बांडेड (अनुबंध) 93 चिकित्सक सरकारी अस्पतालों मेें ज्वाइनिंग देने के बाद गायब चल रहे हैं। जबकि 95 ने तो योगदान ही नहीं दिया। वहीं, 166 चिकित्सक ऐसे हैं, जिनके बारे में स्वास्थ्य विभाग जानकारी जुटा रहा है कि उक्त चिकित्सक ड्यूटी पर आ रहे हैं या नहीं।

विज्ञापन


लंबे समय से गैर हाजिर रहने के बावजूद शासन ने बांड को तोड़ने वाले चिकित्सकों के खिलाफ अभी तक कार्रवाई नहीं की है। हालांकि चिकित्सा शिक्षा विभाग इन प्रकरणों में कानूनी सलाह लेने की बात कह रहा है।
विज्ञापन


मालूम हो कि राज्य में स्थित सरकारी मेडिकल कालेजों में मामूली फीस में मेडिकल की पढ़ाई करवाई जाती है। इसके एवज में संबंधित छात्रों से राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित सरकारी अस्पतालों में कम से कम 3 साल तक संविदा पर अनिवार्य सेवा का बांड भराया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


(वर्ष 2014 से पहले 5 साल की अनिवार्य सेवा की शर्त थी) वर्तमान में श्रीनगर और हल्द्वानी मेडिकल कालेज से एमबीबीएस के बैच निकल रहे हैं। अभी हो यह रहा है कि बांडेड छात्र शुरुआत का एक साल मेडिकल कालेज से संबद्ध अस्पताल में सेवा दे रहे हैं। जबकि दो साल दुर्गम क्षेत्र के अस्पताल में।

बांड भरने के बावजूद कई छात्र ऐसे हैं, जिन्होंने पास आउट होने के बाद बांड की शर्त के अनुसार सरकारी अस्पतालों में सेवा नहीं दी। जबकि कईयों ने संविदा में नियुक्ति ली। लेकिन वह कुछ दिन अस्पतालों में काम करने के बाद खिसक गए।

सिर्फ 37 ने जमा कराए पैसे
श्रीनगर मेडिकल कालेज से अब तक 151 बांडेड छात्र पास आउट हुए हैं। इनमें से सिर्फ 71 ही सरकारी अस्पतालों में सेवा दे रहे हैं। 29 अनुपस्थित चल रहे हैं। जबकि नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद 6 चिकित्सकों ने योगदान नहीं दिया।

45 चिकित्सकों के बारे में स्वास्थ्य विभाग जानकारी मंगवा रहा है। वहीं हल्द्वानी मेडिकल कालेज से उत्तीर्ण 418 बांडेड चिकित्सकों में से 128 सेवा दे रहे हैं। 64 अनुपस्थित चल रहे हैं। 66 ने योगदान ही नहीं दिया। 121 के बारे में स्वास्थ्य विभाग जानकारी हासिल कर रहा है। 37 चिकित्सक ऐसे हैं, जिन्होंने बांड के अनुसार रुपये जमा करा दिए हैं।

बांड तोडने पर 22 लाख रुपये कराने होंगे जमा
मौजूदा समय में राजकीय मेडिकल कालेजों में बांड भरने वाले छात्रों को प्रतिवर्ष लगभग 71,500 रुपये और बिना बांड वाले छात्रों को प्रतिवर्ष लगभग 4.50 लाख रुपये शुल्क जमा करना होता है। यदि कोई छात्र बांड तोड़ेगा, तो उसे लगभग 22 लाख रुपये जमा करने होंगे।


बांड की शर्त के अनुसार संबंधित चिकित्सकों पर कार्रवाई होगी। कुछ के विरुद्ध कार्रवाई की गई, तो वह हाई कोर्ट चले गए। संबंधितों पर प्रभावी कार्रवाई कैसे हो, इस संबंध में कानूनी सलाह ली जा रही है।
डी. सैंथिल पांडियन, चिकित्सा शिक्षा सचिव उत्तराखंड

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed