सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और न्यूनतम 21 हजार रुपये वेतन देने समेत 12 सूत्री मांगों के समर्थन में उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन का कार्य बहिष्कार बृहस्पतिवार को 18वें दिन भी जारी रहा। आशा कार्यकर्ताओं ने कोटद्वार तहसील में प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और सरकार की बुद्धि-शुद्धि के लिए धरना स्थल पर कीर्तन भजन भी किया।
आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि वर्ष 2006 से कार्यरत आशाओं का वेतन अभी तक निर्धारित नहीं किया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। आंदोलन में यूनियन की दुगड्डा ब्लाक अध्यक्ष प्रभा चौधरी, उपाध्यक्ष मीरा नेगी, सचिव रंजना कोटनाला, नीलम कुकरेेती, उषा देवी, कल्पना काला, मंजू नेगी, कमला बलूनी, कुसुमलता देवी, रिजवाना, प्रमिला गुसाईं, भागीरथी भंडारी, आशा ढौंडियाल, महेश्वरी रावत और संगीता देवी आदि शामिल रहे।