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बेस अस्पताल : एक फिजिशियन के भरोसे चल रही स्वास्थ्य सेवाएं

Thu, 27 Nov 2025 08:09 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार Updated Thu, 27 Nov 2025 08:09 PM IST
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Base Hospital: Health services run on the strength of one physician
ओपीडी में लंबी कतार होने से मरीज हो रहे हैं परेशान
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फिजिशियन के नहीं होने से निजी अस्पताल से महंगे दामों पर इलाज कराने के लिए हैं मजबूर
कोटद्वार। बेस अस्पताल में फिजिशियन के पांच पद सृजित हैं लेकिन तैनाती एक ही है। ऐसे में लोगों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से फिजिशियन की मांग कर रहे हैं लेकिन समस्या जस की तस बनी है।
राजकीय बेस अस्पताल में कोटद्वार, भाबर के अलावा उच्च पर्वतीय क्षेत्रों एवं कोटद्वार से सटे यूपी के जनपद बिजनौर के अलग-अलग क्षेत्रों से लोग इलाज कराने आते हैं। अस्पताल में प्रतिदिन की औसत ओपीडी करीब 600 पार हो रही है। इनमें अधिकांश मरीज एकमात्र वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. जेसी ध्यानी से उपचार कराते हैं। गत सप्ताह डॉ. ध्यानी के अवकाश पर होने से मरीजों को काफी भटकना पड़ा था और कई मरीजों को निजी चिकित्सक से उपचार कराने पर मजबूर होना पड़ा था।
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अस्पताल में आईसीयू समेत विभिन्न वार्डों में फिजिशियन के कुल पांच पद सृजित है लेकिन इनमें केवल एक ही फिजीशियन तैनात हैं। उन पर रोजाना ओपीडी के साथ साथ विभिन्न वार्डों में राउंड लेने, आपात स्थिति में भर्ती मरीजों को उपचार देने और ऑपरेशन के समय आवश्यकता पड़ने पर उपलब्धता का दबाव रहता है। ऐसे में ओपीडी में पहुंचे मरीजों को कई बार लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है।
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बोले मरीज
अस्पताल में समय पर डॉक्टर नहीं मिलने पर प्राइवेट डॉक्टर से महंगा इलाज कराना और महंगी दवाई लेना संभव नहीं है। सरकार को गरीब जनता के हित में अस्पताल में डॉक्टर की संख्या बढ़ानी चाहिए। -प्रेम बहादुर
एकमात्र फिजिशियन के पास ही ज्यादातर मरीज पहुंचने पर घंटों लाइन में लगे रहना पड़ता है। इससे शारीरिक व मानसिक थकान के साथ साथ घर के कामकाज भी प्रभावित होते हैं। फिजिशियन की संख्या बढ़नी चाहिए। -राधिका नौटियाल

नेत्र और नाक-कान-गला रोगी लौट रहे वापस
बेस अस्पताल में नेत्र विशेषज्ञ और नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ की भी एकल तैनाती है। दोनों ही चिकित्सकों के अवकाश पर होने से दूरदराज क्षेत्रों से आकर मरीज भटककर लौटने को मजबूर हो रहे हैं।


वास्तव में फिजिशियन की कमी खल रही है। खाली पदों पर फिजिशियन की तैनाती के लिए स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है। -डॉ. विजय सिंह, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, बेस अस्पताल कोटद्वार।
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