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सड़कों पर वाहन संचालन को लेकर उलझे ऑटो और ई-रिक्शा चालक
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कोटद्वार। कोटद्वार क्षेत्र में ऑटो और ई-रिक्शा संचालन के लिए आए दिन उलझ रहे वाहन चालकों की समस्या का समाधान करने के लिए प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से बैठक का आयोजन किया गया। इसमें एसडीएम ने सभी ऑटो और ई-रिक्शा संचालकों से मिलजुल कर कार्य करने के निर्देश दिए।
शनिवार को तहसील सभागार में आयोजित बैठक में ऑटो चालकों ने कोटद्वार में निर्धारित उनके 13 रूटों पर ई-रिक्शा का जबरन संचालन करने का आरोप लगाया। कहा कि ई-रिक्शा चालक उनके रूटों और स्टैंड पर अपने वाहन खड़ा कर सवारियां ढो रहे हैैं। ई-रिक्शा चार वाहनों में भर जाता है, जबकि उनके ऑटो खाली रह जाते हैं। इसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ई-रिक्शा चालकों ने कहा कि दूर और चढ़ाई वाले रूट पर उनके बैटरी वाले वाहन चल नहीं सकते हैं। दूर के रूट पर निकलने पर वापसी में उनकी बैटरी डाउन हो जाती है और चढ़ाई पर बैटरी वाहन को नहीं खींच सकती है। इसके कारण वे कोटद्वार शहर के अंदर ही वाहनों का संचालन करते हैं। इस बीच विभिन्न रूटों पर वाहन संचालित करने को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस हो गई।
सीओ अनिल कुमार जोशी ने दोनों पक्षों को समझाते हुए कहा कि कोटद्वार की डेढ़ लाख की आबादी में 400 सापेक्ष करीब 800 ऑटो संचालित हो रहे हैं। इसी संख्या में ई-रिक्शा भी संचालित हो रहे हैं। इसके कारण इस प्रकार की समस्या आ रही है। इसका आपस में बैठकर बातचीत से ही हल निकाला जा सकता है। एसडीएम योगेश मेहरा ने दोनों पक्षों की वाहनों की सूची तीन मार्च तक उन्हें सौंपने के बाद इस पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एआरटीओ आरएस कटारिया, टीटीओ शशि दुबे व नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त राजेश नैथानी आदि मौजूद थे।
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शनिवार को तहसील सभागार में आयोजित बैठक में ऑटो चालकों ने कोटद्वार में निर्धारित उनके 13 रूटों पर ई-रिक्शा का जबरन संचालन करने का आरोप लगाया। कहा कि ई-रिक्शा चालक उनके रूटों और स्टैंड पर अपने वाहन खड़ा कर सवारियां ढो रहे हैैं। ई-रिक्शा चार वाहनों में भर जाता है, जबकि उनके ऑटो खाली रह जाते हैं। इसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ई-रिक्शा चालकों ने कहा कि दूर और चढ़ाई वाले रूट पर उनके बैटरी वाले वाहन चल नहीं सकते हैं। दूर के रूट पर निकलने पर वापसी में उनकी बैटरी डाउन हो जाती है और चढ़ाई पर बैटरी वाहन को नहीं खींच सकती है। इसके कारण वे कोटद्वार शहर के अंदर ही वाहनों का संचालन करते हैं। इस बीच विभिन्न रूटों पर वाहन संचालित करने को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस हो गई।
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सीओ अनिल कुमार जोशी ने दोनों पक्षों को समझाते हुए कहा कि कोटद्वार की डेढ़ लाख की आबादी में 400 सापेक्ष करीब 800 ऑटो संचालित हो रहे हैं। इसी संख्या में ई-रिक्शा भी संचालित हो रहे हैं। इसके कारण इस प्रकार की समस्या आ रही है। इसका आपस में बैठकर बातचीत से ही हल निकाला जा सकता है। एसडीएम योगेश मेहरा ने दोनों पक्षों की वाहनों की सूची तीन मार्च तक उन्हें सौंपने के बाद इस पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एआरटीओ आरएस कटारिया, टीटीओ शशि दुबे व नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त राजेश नैथानी आदि मौजूद थे।
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