{"_id":"7b201d0347807969c783db8d84a3e3f7","slug":"anshan-of-old-men-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुजुर्गों ने किया अनशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुजुर्गों ने किया अनशन
श्रीनगर
Updated Fri, 18 Dec 2015 09:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रगतिशील जन मंच के आंदोलन में चौथे दिन बुजुर्ग क्रमिक अनशन पर रहे। उन्होंने सरकार पर क्षेत्र की समस्याएं हल करने में उदासीनता बरतने का आरोप लगाया।
शुक्रवार को रोडवेज बस अड्डे पर प्रगतिशील जन मंच का क्रमिक अनशन चौथे दिन भी जारी रहा। इस मौके पर अवकाश प्राप्त कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष गबर सिंह (73), उदयराम लखेड़ा (79), रामकृष्ण पुरी (80) व विदुर प्रसाद काला (65) अनशन पर बैठे। उन्होंने कहा कि सरकार क्षेत्र की समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर नहीं है। सरकार का जन समस्याओं के समाधान के प्रति उदासीनता पूर्ण रवैया आने वाले समय के लिए घातक है। मंच के अध्यक्ष अनिल स्वामी ने बताया कि शासन ने पेयजल को लेकर जो रिपोर्ट जारी की है, उसमें पानी की सेंपलिंग लेने के स्थान को चिह्नित ही नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि जब पानी के सैंपल को जगह ही चिह्नित नहीं की गई तो पानी की गुणवत्ता की रिपोर्ट कहां तक ठीक है, कहना मुश्किल है। साथ ही उन्होंने कहा कि अलकनंदा के चिह्नित स्थानों से सैंपल लेकर स्वतंत्र एजेंसी से पानी की पुन: जांच की जानी चाहिए। आरएस शुक्ला, आरपी चमोली, लक्ष्मण सिंह, पीएल पांडे, कुंवर चौहान, सूर्यकांत ध्यानी, बीपी हटवाल ने जीवीके कंपनी की ओर से किए जाने वाले सामाजिक दायित्वों के कार्य जल्द करने की मांग की।
विज्ञापन
शुक्रवार को रोडवेज बस अड्डे पर प्रगतिशील जन मंच का क्रमिक अनशन चौथे दिन भी जारी रहा। इस मौके पर अवकाश प्राप्त कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष गबर सिंह (73), उदयराम लखेड़ा (79), रामकृष्ण पुरी (80) व विदुर प्रसाद काला (65) अनशन पर बैठे। उन्होंने कहा कि सरकार क्षेत्र की समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर नहीं है। सरकार का जन समस्याओं के समाधान के प्रति उदासीनता पूर्ण रवैया आने वाले समय के लिए घातक है। मंच के अध्यक्ष अनिल स्वामी ने बताया कि शासन ने पेयजल को लेकर जो रिपोर्ट जारी की है, उसमें पानी की सेंपलिंग लेने के स्थान को चिह्नित ही नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि जब पानी के सैंपल को जगह ही चिह्नित नहीं की गई तो पानी की गुणवत्ता की रिपोर्ट कहां तक ठीक है, कहना मुश्किल है। साथ ही उन्होंने कहा कि अलकनंदा के चिह्नित स्थानों से सैंपल लेकर स्वतंत्र एजेंसी से पानी की पुन: जांच की जानी चाहिए। आरएस शुक्ला, आरपी चमोली, लक्ष्मण सिंह, पीएल पांडे, कुंवर चौहान, सूर्यकांत ध्यानी, बीपी हटवाल ने जीवीके कंपनी की ओर से किए जाने वाले सामाजिक दायित्वों के कार्य जल्द करने की मांग की।
विज्ञापन