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अंकिता हत्याकांड: तीनों आरोपियों पर आरोप तय, 28 से चलेगा मुकदमा
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हत्या, साक्ष्य छुपाने, छेड़छाड़ और देह व्यापार अधिनियम के तहत हुए आरोप तय
एडीजे प्रतिभा तिवारी की कोर्ट में पेश किया था तीनों आरोपियों को
पुलकित और अंकित ने दी थी जमानत अर्जी, कोर्ट ने की खारिज
अंकिता हत्याकांड के तीनों आरोपियों पुलकित आर्य, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर पर एडीजे प्रतिभा तिवारी की अदालत में आरोप तय कर दिए गए। अदालत में अब 28 मार्च से मुकदमे का ट्रायल (विचारण) शुरू किया जाएगा। तीनों पर हत्या, साक्ष्य छुपाने, छेड़छाड़ और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम की धाराओं में मुकदमा चलाया जाएगा।
गौरतलब है कि 18 सितंबर को ऋषिकेश के पास वनंत्रा रिजॉर्ट की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी रहस्यमय ढंग से गायब हो गई थी। रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके साथियों ने राजस्व पुलिस चौकी को इसकी सूचना दी थी। लेकिन, तीन दिनों तक जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो मामले को रेगुलर पुलिस के हवाले कर दिया गया। रेगुलर पुलिस ने 22 सितंबर को खुलासा कर दिया कि अंकिता की चीला नहर में फेंककर हत्या कर दी गई है। इसके आरोप में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया था। अगले दिन चीला बैराज से अंकिता का शव भी बरामद कर लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने इसकी जांच एसआईटी को सौंप दी।
एसआईटी ने विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की। इस दौरान पाया गया कि अंकिता पर विशेष सर्विस देने का दबाव भी बनाया जा रहा था। ऐसे में इस मुकदमे में अनैतिक देह व्यापार अधिनियम की धाराएं भी जोड़ दी गईं। इसके बाद एसआईटी ने पिछले साल 19 दिसंबर को तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। मजिस्ट्रेट कोर्ट के बाद इस चार्जशीट का सत्र परीक्षण किया गया। इसके क्रम में शनिवार को अदालत में आरोप तय करने के लिए तिथि निर्धारित की गई। इसके लिए तीनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदालत लाया गया। विशेष लोक अभियोजक जितेंद्र सिंह रावत ने बताया कि यहां करीब 12 बजे तीनों को कोर्ट रूम में आरोप पढ़कर सुनाए गए। बचाव पक्ष की ओर से आरोपों से इनकार करते हुए सत्र विचारण की मांग की गई। इस पर अदालत ने तीनों पर आरोप तय करते हुए विचारण यानी ट्रायल के लिए 28 मार्च की तिथि नियत की है।
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तीनों पर ये हैं आरोप...
-आईपीसी की धारा 302 (हत्या)
-201 (साक्ष्य छुपाना)
- 354 (ए) (छेड़खानी व लज्जा भंग) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम।
पुलकित आर्य और अंकित गुप्ता की जमानत याचिका भी खारिज
डीजीसी जितेंद्र रावत ने बताया कि बचाव पक्ष की ओर से शनिवार को पुलकित आर्य और अंकित गुप्ता की जमानत याचिका अदालत में पेश की गई थी। जिसमें दोनों पक्षों की ओर से बहस की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से उनकी जमानत का पुरजोर विरोध किया गया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जमानत याचिका को निरस्त कर दिया। तीसरे आरोपी सौरभ भास्कर की जमानत याचिका अदालत बीते 13 मार्च की सुनवाई में नामंजूर कर चुकी है।
नार्को के लिए हाईकोर्ट में पांच मई को होगी सुनवाई
बता दें कि इस मामले में अब भी वीआईपी के नाम पर पर्दा है। इसके लिए एसआईटी ने तीनों आरोपियों के नार्को और पॉलिग्राफ टेस्ट की मांग की थी। शुरूआत में पुलकित और सौरभ ने हामी भर दी थी। लेकिन, बाद में इन्होंने भी अधिवक्ता की राय लेने की बात कही। इस पर दोबारा फिर से एसआईटी ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में अर्जी दी। इस अर्जी पर आरोपियों की सहमति के बाद पुलकित आर्य के नार्को टेस्ट कराए जाने की अनुमति दे दी गई। सेंट्रल फोरेंसिक लैब में तिथि भी तय हो गई लेकिन इसी बीच आरोपी हाईकोर्ट पहुंच गए। यहां इनके टेस्ट पर रोक लगा दी गई। इसके बाद एसआईटी ने बिना सहमति के नार्को टेस्ट के लिए अर्जी दी। इस पर हाईकोर्ट ने पांच मई की तारीख मुकर्रर की है।
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एडीजे प्रतिभा तिवारी की कोर्ट में पेश किया था तीनों आरोपियों को
पुलकित और अंकित ने दी थी जमानत अर्जी, कोर्ट ने की खारिज
अंकिता हत्याकांड के तीनों आरोपियों पुलकित आर्य, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर पर एडीजे प्रतिभा तिवारी की अदालत में आरोप तय कर दिए गए। अदालत में अब 28 मार्च से मुकदमे का ट्रायल (विचारण) शुरू किया जाएगा। तीनों पर हत्या, साक्ष्य छुपाने, छेड़छाड़ और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम की धाराओं में मुकदमा चलाया जाएगा।
गौरतलब है कि 18 सितंबर को ऋषिकेश के पास वनंत्रा रिजॉर्ट की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी रहस्यमय ढंग से गायब हो गई थी। रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके साथियों ने राजस्व पुलिस चौकी को इसकी सूचना दी थी। लेकिन, तीन दिनों तक जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो मामले को रेगुलर पुलिस के हवाले कर दिया गया। रेगुलर पुलिस ने 22 सितंबर को खुलासा कर दिया कि अंकिता की चीला नहर में फेंककर हत्या कर दी गई है। इसके आरोप में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया था। अगले दिन चीला बैराज से अंकिता का शव भी बरामद कर लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने इसकी जांच एसआईटी को सौंप दी।
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एसआईटी ने विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की। इस दौरान पाया गया कि अंकिता पर विशेष सर्विस देने का दबाव भी बनाया जा रहा था। ऐसे में इस मुकदमे में अनैतिक देह व्यापार अधिनियम की धाराएं भी जोड़ दी गईं। इसके बाद एसआईटी ने पिछले साल 19 दिसंबर को तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। मजिस्ट्रेट कोर्ट के बाद इस चार्जशीट का सत्र परीक्षण किया गया। इसके क्रम में शनिवार को अदालत में आरोप तय करने के लिए तिथि निर्धारित की गई। इसके लिए तीनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदालत लाया गया। विशेष लोक अभियोजक जितेंद्र सिंह रावत ने बताया कि यहां करीब 12 बजे तीनों को कोर्ट रूम में आरोप पढ़कर सुनाए गए। बचाव पक्ष की ओर से आरोपों से इनकार करते हुए सत्र विचारण की मांग की गई। इस पर अदालत ने तीनों पर आरोप तय करते हुए विचारण यानी ट्रायल के लिए 28 मार्च की तिथि नियत की है।
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तीनों पर ये हैं आरोप...
-आईपीसी की धारा 302 (हत्या)
-201 (साक्ष्य छुपाना)
- 354 (ए) (छेड़खानी व लज्जा भंग) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम।
पुलकित आर्य और अंकित गुप्ता की जमानत याचिका भी खारिज
डीजीसी जितेंद्र रावत ने बताया कि बचाव पक्ष की ओर से शनिवार को पुलकित आर्य और अंकित गुप्ता की जमानत याचिका अदालत में पेश की गई थी। जिसमें दोनों पक्षों की ओर से बहस की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से उनकी जमानत का पुरजोर विरोध किया गया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जमानत याचिका को निरस्त कर दिया। तीसरे आरोपी सौरभ भास्कर की जमानत याचिका अदालत बीते 13 मार्च की सुनवाई में नामंजूर कर चुकी है।
नार्को के लिए हाईकोर्ट में पांच मई को होगी सुनवाई
बता दें कि इस मामले में अब भी वीआईपी के नाम पर पर्दा है। इसके लिए एसआईटी ने तीनों आरोपियों के नार्को और पॉलिग्राफ टेस्ट की मांग की थी। शुरूआत में पुलकित और सौरभ ने हामी भर दी थी। लेकिन, बाद में इन्होंने भी अधिवक्ता की राय लेने की बात कही। इस पर दोबारा फिर से एसआईटी ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में अर्जी दी। इस अर्जी पर आरोपियों की सहमति के बाद पुलकित आर्य के नार्को टेस्ट कराए जाने की अनुमति दे दी गई। सेंट्रल फोरेंसिक लैब में तिथि भी तय हो गई लेकिन इसी बीच आरोपी हाईकोर्ट पहुंच गए। यहां इनके टेस्ट पर रोक लगा दी गई। इसके बाद एसआईटी ने बिना सहमति के नार्को टेस्ट के लिए अर्जी दी। इस पर हाईकोर्ट ने पांच मई की तारीख मुकर्रर की है।