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अंकिता ध्यानी ने राष्ट्रीय फलक पर लगाई छलांग
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चंद्रमोहन शुक्ला
कोटद्वार। उत्तराखंड के खेल जगत में एथलीट अंकिता ध्यानी ने उड़नपरी के नाम से पहचान बनाई है। अपनी लगन और मेहनत के बलबूते ग्रामीण पृष्ठभूमि से राष्ट्रीय फलक पर छलांग लगाकर अंकिता उत्तराखंड के लिए कई गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं।
खेलो इंडिया यूथ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली अंकिता ध्यानी पौड़ी जिले के जयहरीखाल क्षेत्र के मेरुड़ा गांव की रहने वाली हैं। महिमानंद ध्यानी और लक्ष्मी देवी की बेटी अंकिता ने अपनी मेहनत और लगन के बलबूते ग्रामीण पृष्ठभूमि से राष्ट्रीय फलक पर छलांग लगाई है। वह गुवाहाटी में हुए खेलो इंडिया यूथ गेम्स में तीन हजार मीटर और 1,500 मीटर दौड़ में दो पदक जीतकर उत्तराखंड का नाम रोशन कर चुकी हैं। अंकिता की 12वीं तक की पढ़ाई जयहरीखाल के सरकारी स्कूल में हुई। अंकिता की सफलता पहाड़ की उन सैकड़ों बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है, जो विषम हालात में भी दिन-रात पसीना बहा रही हैं। वर्तमान में अंकिता मध्यप्रदेश एकेडमी भोपाल से ट्रेनिंग ले रही हैं और उत्तराखंड के लिए नेशनल चैंपियनशिप में भी 2000 मीटर दौड़ में गोल्ड जीत चुकी हैं। अंकिता खेलो इंडिया यूथ ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीत चुकी है। इससे पूर्व वह नेशनल यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप गुजरात में 3000 मीटर की दौड़ में भी स्वर्ण जीत चुकी हैं।
उत्तराखंड की उड़नपरी अंकिता ध्यानी का चयन गत फरवरी माह में चीन में प्रस्तावित एशियन इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए हुआ था। तब चीन के साथ संबंध ठीक न होने के कारण इसे स्थगित करना पड़ा।
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कोटद्वार। उत्तराखंड के खेल जगत में एथलीट अंकिता ध्यानी ने उड़नपरी के नाम से पहचान बनाई है। अपनी लगन और मेहनत के बलबूते ग्रामीण पृष्ठभूमि से राष्ट्रीय फलक पर छलांग लगाकर अंकिता उत्तराखंड के लिए कई गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं।
खेलो इंडिया यूथ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली अंकिता ध्यानी पौड़ी जिले के जयहरीखाल क्षेत्र के मेरुड़ा गांव की रहने वाली हैं। महिमानंद ध्यानी और लक्ष्मी देवी की बेटी अंकिता ने अपनी मेहनत और लगन के बलबूते ग्रामीण पृष्ठभूमि से राष्ट्रीय फलक पर छलांग लगाई है। वह गुवाहाटी में हुए खेलो इंडिया यूथ गेम्स में तीन हजार मीटर और 1,500 मीटर दौड़ में दो पदक जीतकर उत्तराखंड का नाम रोशन कर चुकी हैं। अंकिता की 12वीं तक की पढ़ाई जयहरीखाल के सरकारी स्कूल में हुई। अंकिता की सफलता पहाड़ की उन सैकड़ों बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है, जो विषम हालात में भी दिन-रात पसीना बहा रही हैं। वर्तमान में अंकिता मध्यप्रदेश एकेडमी भोपाल से ट्रेनिंग ले रही हैं और उत्तराखंड के लिए नेशनल चैंपियनशिप में भी 2000 मीटर दौड़ में गोल्ड जीत चुकी हैं। अंकिता खेलो इंडिया यूथ ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीत चुकी है। इससे पूर्व वह नेशनल यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप गुजरात में 3000 मीटर की दौड़ में भी स्वर्ण जीत चुकी हैं।
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उत्तराखंड की उड़नपरी अंकिता ध्यानी का चयन गत फरवरी माह में चीन में प्रस्तावित एशियन इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए हुआ था। तब चीन के साथ संबंध ठीक न होने के कारण इसे स्थगित करना पड़ा।
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