मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये करने की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी कार्यकर्ता, सेविका संगठन का तहसील में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार पर उनकी अनदेखी करने का आरोप लगाया। कहा कि जब तक उनकी एक सूत्री मांग का निराकरण नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
दुगड्डा और रिखणीखाल ब्लॉक की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी कार्यकर्ता, सेविकाएं बुधवार को तहसील पहुंची। यहां उन्होंने अपनी एक सूत्री मांग को लेकर तीसरे दिन भी तहसील में धरना दिया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वह लगातार प्रदेश सरकार से मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। हर बार उन्हें झूठे आश्वासन दिए जा रहे हैं। सरकार उनके मानदेय के मामले में छलावा करती आ रही है। कहा कि काम तो सरकार स्मार्ट फोन के जरिए करवा रही है, लेकिन मानदेय वर्षों पुराना दे रही है। ऐसा कोई सरकारी काम नहीं है, जिसमें उनकी भागीदारी न हो। राष्ट्रीय पोषण अभियान, टीकाकरण अभियान, मातृत्व वंदना योजना, नंदा गौरा कन्या धन योजना, पिछड़ी जातियों की गणना, बीएलओ का कार्य, पल्स पोलियो अभियान, राशन कार्ड सर्वे, स्वजल योजना, जनगणना आदि कार्य उनसे लिए जा रहे हैं। धरना-प्रदर्शन करने वालों में ब्लॉक अध्यक्ष सुनीता देवी (दुगड्डा), सुषमा गुसाईं (रिखणीखाल), बसंती रावत, प्रभा जोशी, मुन्नी रावत, इंदू, रेखा बिष्ट, ऊषा गोस्वामी, अंबिका देवी, रोशनी, रश्मि, अनीता, पूनम, बीना, बबीता, जयंती, लक्ष्मी रावत, ममता देवी आदि शामिल रहे।