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सड़क के लिए आमसौड़ के ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
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दुगड्डा ब्लाक के ग्रामसभा आमसौड़ के अंतर्गत झवाणा, झिंडीडांडा, क्यूरीखाल, सिद्धपुर के ग्रामीणों ने चारों गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कहा कि सड़क न होने से घने जंगल और ऊबड़-खाबड़ रास्ते से आवाजाही करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने मांग को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा।
सोमवार को ग्रामसभा आमसौड़ के झवाणा, झिंडीडांडा, क्यूरीखाल, सिद्धपुर गांवों के लोग हिंदू पंचायती धर्मशाला में एकत्र हुए और तहसील तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। तहसील में आयोजित सभा में ग्रामीणों ने एसडीएम संदीप कुमार के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि आजादी के सात दशक बाद भी मुख्य सड़क कोटद्वार पौड़ी नेशनल हाईवे से महज 4 किमी. की दूरी पर स्थित 500 से अधिक आबादी वाले उनके गांव तक नहीं पहुंची है। सड़क के अभाव में उन्हें घने जंगल के बीच ऊबड़-खाबड़ पगडंडियों से होते हुए रोजमर्रा के कार्यों के लिए दुगड्डा और कोटद्वार आवाजाही करनी पड़ती है। सड़क के अभाव में जहां इन गांवों का विकास ठप है, वहीं ग्रामीण स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से भी वंचित हैं। आपात स्थिति में बीमार और बुजुर्ग लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के अभाव में इन गांवों के ग्रामीण पलायन के लिए मजबूर हैं। ज्ञापन में इन गांवों के लिए सड़क स्वीकृत करने की मांग की गई। प्रदर्शन करने वालों में रमेश चंद्र जुयाल, गणेश जुयाल, आनंद सिंह, राजेंद्र सिंह, कमला देवी, ऊषा देवी, प्रभा देवी, भागेश्वरी देवी, रामेश्वरी देवी, रेखा देवी, शोभा देवी, विनीता देवी और बीना देवी आदि मौजूद रहे।
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सोमवार को ग्रामसभा आमसौड़ के झवाणा, झिंडीडांडा, क्यूरीखाल, सिद्धपुर गांवों के लोग हिंदू पंचायती धर्मशाला में एकत्र हुए और तहसील तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। तहसील में आयोजित सभा में ग्रामीणों ने एसडीएम संदीप कुमार के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि आजादी के सात दशक बाद भी मुख्य सड़क कोटद्वार पौड़ी नेशनल हाईवे से महज 4 किमी. की दूरी पर स्थित 500 से अधिक आबादी वाले उनके गांव तक नहीं पहुंची है। सड़क के अभाव में उन्हें घने जंगल के बीच ऊबड़-खाबड़ पगडंडियों से होते हुए रोजमर्रा के कार्यों के लिए दुगड्डा और कोटद्वार आवाजाही करनी पड़ती है। सड़क के अभाव में जहां इन गांवों का विकास ठप है, वहीं ग्रामीण स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से भी वंचित हैं। आपात स्थिति में बीमार और बुजुर्ग लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के अभाव में इन गांवों के ग्रामीण पलायन के लिए मजबूर हैं। ज्ञापन में इन गांवों के लिए सड़क स्वीकृत करने की मांग की गई। प्रदर्शन करने वालों में रमेश चंद्र जुयाल, गणेश जुयाल, आनंद सिंह, राजेंद्र सिंह, कमला देवी, ऊषा देवी, प्रभा देवी, भागेश्वरी देवी, रामेश्वरी देवी, रेखा देवी, शोभा देवी, विनीता देवी और बीना देवी आदि मौजूद रहे।
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