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Kotdwar News: रोमांच से लबरेज नजर आई युवाओं की टोली, बढ़ा कौतूहल
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कोटद्वार। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने युवाओं की टोली के साथ कार्बेट नेशनल पार्क की पाखरो रेंज जंगल सफारी का आनंद उठाया। जंगल सफारी कौतूहल व रोमांचकारी रही। विस अध्यक्ष ने युवाओं से जैव विविधता और पर्यावरणीय धरोहर के प्रति समाज में जनजागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
बृहस्पतिवार को कोटद्वार से कार्बेट नेशनल पार्क की पाखरो रेंज में जंगल सफारी पर निकलीं विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने युवाओं को बताया कि जिम कार्बेट नेशनल पार्क का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा पौड़ी गढ़वाल में स्थित है। जिसमें वन्यजीवों और पक्षियों की दुर्लभ प्रजातियां हैं। दिल्ली व एनसीआर से कोटद्वार केवल चार घंटे की दूरी पर है। यह स्थल पर्यटकों के लिए सुविधाजनक और आकर्षक पर्यटन स्थल है। सफारी के दौरान वन्यजीवों को देखकर युवा रोमांचित हुए। उन्होंने कौतूहलवश बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू आदि अन्य वन्यजीवों और पक्षियों के बारे में जाना। युवाओं के चेहरे पर उत्साह और जिज्ञासा दिखाई दी।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि जंगल सफारी का उद्देश्य क्षेत्र की जैव विविधता और पर्यावरणीय धरोहर के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। वहीं, रक्षित सिंघल, नितिन दिवाकर, ईशा, अंजलि बिष्ट, प्रेरणा रावत, संदीप आदि युवा पहली बार वन्यजीवों और वन संपदा के पर्यावरणीय महत्व को करीब से देखकर रोमांचित हुए। उन्होंने क्षेत्र में पर्यटन के विकास के लिए जनजागरूकता प्रसारित करने का संकल्प लिया।
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कण्वाश्रम से मेहलीस्रोत तक पुराना हरिद्वार मार्ग जंगल सफारी के लिए खुले
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने देहरादून पहुंचकर वन मंत्री सुबोध उनियाल से भेंट की। इस मौके पर उन्होंने वन मंत्री को कण्वाश्रम से गूलरझाला होते हुए मेहलीस्रोत लालढांग वॉच टावर तक नया जंगल सफारी मार्ग खोलने के लिए मांग पत्र सौंपा।
विधानसभा अध्यक्ष ने वन मंत्री को बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार के स्थानीय नेचर गाइड और जनता लंबे समय से नए सफारी मार्ग की मांग कर रही है। मार्ग के खुलने से पर्यटक बढ़ेंगे। इससे रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होने की संभावना बढ़ेगी। कोटद्वार की अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और ऐतिहासिक धरोहर का जिक्र करते हुए विस अध्यक्ष ने कहा कि कण्वाश्रम जैसे ऐतिहासिक स्थल को जोड़ते हुए नया जंगल सफारी मार्ग पर्यटकों के लिए एक अनूठा अनुभव होगा। वन मंत्री ने प्रस्ताव पर कार्रवाई का भरोसा देते हुए वन अफसरों को निर्देशित किया।
बृहस्पतिवार को कोटद्वार से कार्बेट नेशनल पार्क की पाखरो रेंज में जंगल सफारी पर निकलीं विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने युवाओं को बताया कि जिम कार्बेट नेशनल पार्क का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा पौड़ी गढ़वाल में स्थित है। जिसमें वन्यजीवों और पक्षियों की दुर्लभ प्रजातियां हैं। दिल्ली व एनसीआर से कोटद्वार केवल चार घंटे की दूरी पर है। यह स्थल पर्यटकों के लिए सुविधाजनक और आकर्षक पर्यटन स्थल है। सफारी के दौरान वन्यजीवों को देखकर युवा रोमांचित हुए। उन्होंने कौतूहलवश बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू आदि अन्य वन्यजीवों और पक्षियों के बारे में जाना। युवाओं के चेहरे पर उत्साह और जिज्ञासा दिखाई दी।
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विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि जंगल सफारी का उद्देश्य क्षेत्र की जैव विविधता और पर्यावरणीय धरोहर के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। वहीं, रक्षित सिंघल, नितिन दिवाकर, ईशा, अंजलि बिष्ट, प्रेरणा रावत, संदीप आदि युवा पहली बार वन्यजीवों और वन संपदा के पर्यावरणीय महत्व को करीब से देखकर रोमांचित हुए। उन्होंने क्षेत्र में पर्यटन के विकास के लिए जनजागरूकता प्रसारित करने का संकल्प लिया।
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कण्वाश्रम से मेहलीस्रोत तक पुराना हरिद्वार मार्ग जंगल सफारी के लिए खुले
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने देहरादून पहुंचकर वन मंत्री सुबोध उनियाल से भेंट की। इस मौके पर उन्होंने वन मंत्री को कण्वाश्रम से गूलरझाला होते हुए मेहलीस्रोत लालढांग वॉच टावर तक नया जंगल सफारी मार्ग खोलने के लिए मांग पत्र सौंपा।
विधानसभा अध्यक्ष ने वन मंत्री को बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार के स्थानीय नेचर गाइड और जनता लंबे समय से नए सफारी मार्ग की मांग कर रही है। मार्ग के खुलने से पर्यटक बढ़ेंगे। इससे रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होने की संभावना बढ़ेगी। कोटद्वार की अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और ऐतिहासिक धरोहर का जिक्र करते हुए विस अध्यक्ष ने कहा कि कण्वाश्रम जैसे ऐतिहासिक स्थल को जोड़ते हुए नया जंगल सफारी मार्ग पर्यटकों के लिए एक अनूठा अनुभव होगा। वन मंत्री ने प्रस्ताव पर कार्रवाई का भरोसा देते हुए वन अफसरों को निर्देशित किया।