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वन अधिनियम के कारण लैंसडौन क्षेत्र के सात सड़कों का निर्माण अधर में
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लैंसडौन। वन अधिनियम के चलते लोक निर्माण विभाग लैंसडौन के अंतर्गत सात मोटर मार्गोें का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। इसके कारण सैकड़ों ग्रामीण आज भी यातायात सुविधा से वंचित हैं। उन्हें मुख्य मार्ग तक आने के लिए कई किमी पैदल चलना पड़ रहा है।
पीडब्लूडी के अभिलेखों के अनुसार तीन किमी समखाल-मैंदोली मोटर मार्ग, 14 किमी. मैंदोली-परींदा-बौंठा-डेरियाखाल मोटर मार्ग, पांच किमी सिलोगी-घनसाली, चार किमी पालकोट-बरस्वार, आठ किमी टकोलीखाल-छानीखाल, 15 किमी. कोटड़ीसैंण-पंयागढ़ी-रजबौ और 10 किमी मस्टखाल-पुल्यांसू-उतिंडा मोटर मार्ग का निर्माण कार्य वर्षों से वन अधिनियम के कारण अधर में लटका पड़ा हैै।
प्रधान शोभा देवी, प्रधान मुन्नी देवी, सतेश्वर बौंठियाल, अनिल रावत, कल्याण सिंह, नरेश सिंह व राजकुमार ने वन अधिनियम के कारण लंबित पड़े मार्गों का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मोटर मार्गों का निर्माण कार्य शुरू न होने से बौंठा, मैंदोली, परिंदा, बरस्वार, छानीखाल, टकोलीखाल सहित अन्य कई गांवों के सैकड़ों लोग यातायात सुविधाओं से वंचित हैं। यातायात सुविधा का लाभ उठाने के लिए ग्रामीणों को कई किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है।
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उधर, लोनिवि के प्रशासनिक अधिकारी वाईएस रावत ने बताया कि समखाल मैंदोली मार्ग निर्माण के लिए पत्राचार चल रहा है। मैंदोली-परिंदा-बौंठा 10 किमी दूरी का मार्ग स्वीकृत है। इस मार्ग का बौंठा से डेरियाखाल तक चार किमी दूरी तक निर्माण कार्य की मंजूरी शासन से मिल चुकी है। भारत सरकार से पेड़ों के कटान की स्वीकृति के बाद पेड़ों का छपान कार्य हो चुका है। वन निगम द्वारा कटान का कार्य होना शेष है। शेष अन्य मार्गोें की वन अधिनियम के तहत सभी शर्तें पूरी कर ली गई हैं। आचार संहिता खुलने के बाद स्वीकृत सड़कों पर कार्य शुरू होने की संभावना है।
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पीडब्लूडी के अभिलेखों के अनुसार तीन किमी समखाल-मैंदोली मोटर मार्ग, 14 किमी. मैंदोली-परींदा-बौंठा-डेरियाखाल मोटर मार्ग, पांच किमी सिलोगी-घनसाली, चार किमी पालकोट-बरस्वार, आठ किमी टकोलीखाल-छानीखाल, 15 किमी. कोटड़ीसैंण-पंयागढ़ी-रजबौ और 10 किमी मस्टखाल-पुल्यांसू-उतिंडा मोटर मार्ग का निर्माण कार्य वर्षों से वन अधिनियम के कारण अधर में लटका पड़ा हैै।
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प्रधान शोभा देवी, प्रधान मुन्नी देवी, सतेश्वर बौंठियाल, अनिल रावत, कल्याण सिंह, नरेश सिंह व राजकुमार ने वन अधिनियम के कारण लंबित पड़े मार्गों का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मोटर मार्गों का निर्माण कार्य शुरू न होने से बौंठा, मैंदोली, परिंदा, बरस्वार, छानीखाल, टकोलीखाल सहित अन्य कई गांवों के सैकड़ों लोग यातायात सुविधाओं से वंचित हैं। यातायात सुविधा का लाभ उठाने के लिए ग्रामीणों को कई किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है।
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उधर, लोनिवि के प्रशासनिक अधिकारी वाईएस रावत ने बताया कि समखाल मैंदोली मार्ग निर्माण के लिए पत्राचार चल रहा है। मैंदोली-परिंदा-बौंठा 10 किमी दूरी का मार्ग स्वीकृत है। इस मार्ग का बौंठा से डेरियाखाल तक चार किमी दूरी तक निर्माण कार्य की मंजूरी शासन से मिल चुकी है। भारत सरकार से पेड़ों के कटान की स्वीकृति के बाद पेड़ों का छपान कार्य हो चुका है। वन निगम द्वारा कटान का कार्य होना शेष है। शेष अन्य मार्गोें की वन अधिनियम के तहत सभी शर्तें पूरी कर ली गई हैं। आचार संहिता खुलने के बाद स्वीकृत सड़कों पर कार्य शुरू होने की संभावना है।