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गश्त पर गए वन कर्मियों को हाथी ने दौड़ाया, वन दारोगा घायल
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किशनपुर (कोटद्वार)। लैंसडौन वन प्रभाग के कोटद्वार रेंज में बुधवार सुबह गश्त पर गए वन कर्मियों को हाथी ने दौड़ा दिया। इस दौरान जान बचाने के लिए भाग रहे वन दारोगा का पैर फिसल गया और वह झाड़ियों में गिरकर घायल हो गए। गनीमत यह रही कि हाथी ने उनका दूर तक पीछा नहीं किया, जिससे उनकी जान बच गई। घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
बुधवार सुबह करीब 5 बजे फारेस्टर राजगोपाल अरोड़ा, वन रक्षक डबल सिंह, बचन सिंह नेगी और दैनिक श्रमिक विजेंद्र सिंह गूलरझाला बीट में गश्त पर थे। करीब साढ़े आठ बजे उन्हें सिगड्डी कंपार्टमेंट 17 बी में एक हाथी और हथिनी दिखे। हाथी की नजर जैसे ही वनकर्मियों पर पड़ी, वह चिंघाड़ता हुआ उनकी ओर दौड़ा । हाथी को अपनी ओर दौड़ते देख वनकर्मी घबरा गए और जान बचाने के लिए अलग-अलग रास्तों पर भागने लगे। बौखलाया हाथी फारेस्टर राजगोपाल अरोरा का पीछा करने लगा। वह किसी तरह भागकर एक पहाड़ी पर चढ़ने लगे, इस दौरान उनका पैैर फिसला और वे झाड़ियों में गिरकर घायल हो गए। गनीमत यह रही कि तब तक हाथी वहां से लौट चुका था। साथी वन कर्मी उन्हें निजी चिकित्सक के पास ले गए और उनका प्राथमिक उपचार करवाया।
बुधवार सुबह करीब 5 बजे फारेस्टर राजगोपाल अरोड़ा, वन रक्षक डबल सिंह, बचन सिंह नेगी और दैनिक श्रमिक विजेंद्र सिंह गूलरझाला बीट में गश्त पर थे। करीब साढ़े आठ बजे उन्हें सिगड्डी कंपार्टमेंट 17 बी में एक हाथी और हथिनी दिखे। हाथी की नजर जैसे ही वनकर्मियों पर पड़ी, वह चिंघाड़ता हुआ उनकी ओर दौड़ा । हाथी को अपनी ओर दौड़ते देख वनकर्मी घबरा गए और जान बचाने के लिए अलग-अलग रास्तों पर भागने लगे। बौखलाया हाथी फारेस्टर राजगोपाल अरोरा का पीछा करने लगा। वह किसी तरह भागकर एक पहाड़ी पर चढ़ने लगे, इस दौरान उनका पैैर फिसला और वे झाड़ियों में गिरकर घायल हो गए। गनीमत यह रही कि तब तक हाथी वहां से लौट चुका था। साथी वन कर्मी उन्हें निजी चिकित्सक के पास ले गए और उनका प्राथमिक उपचार करवाया।
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