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कोटद्वार-दुगड्डा के बीच दरका नेशनल हाईवे, जल्द खुलने के आसार नहीं-compat
Updated Sat, 25 Aug 2018 10:44 PM IST
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कोटद्वार/दुगड्डा। गढ़वाल की लाइफ लाइन कोटद्वार-पौड़ी नेशनल हाईवे संख्या-534 कोटद्वार और दुगड्डा के बीच दर्जनभर से अधिक स्थानों पर पहाड़ी से मलबा आने, सड़क के दरकने से बाधित हो गया है। वहीं लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड धुमाकोट के इंजीनियरों की माने तो सड़क का मलबा हटाकर वैकल्पिक व्यवस्था करने में तीन दिन लगेंगे। प्रशासन के निर्देश पर लोनिवि और पीएमजीएसवाई कोटद्वार-पुलिंडा-ऐता-चरेख-दुगड्डा मार्ग को खोलने में जुटा है।
कोटद्वार क्षेत्र में भारी बारिश से शनिवार को कोटद्वार-पौड़ी नेशनल हाईवे दर्जनभर जगहों पर बाधित हो गया है। सिद्धबली मंदिर के पास से ही पौड़ी हाईवे पर मलबा आना शुरू हो गया। डीएफओ लैंसडौन के कार्यालय के सामने की पहाड़ी से आया मलबा कार्बेट टाइगर रिजर्व के रिसेप्शन सेंटर के ग्राउंड फ्लोर की दीवार तोड़ता हुआ हाईवे पर आ गया। सिद्धबली से लालपुल और इससे आगे दुगड्डा तक कम से कम 12 से अधिक स्थानों पर मलबे का पहाड़ जमा हो गया, जिसे पैदल पार करना भी मुश्किल हो गया।
एएसपी प्रभारी डा. हरीश वर्मा ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिगत कोटद्वार के तिलवाढांग और दुगड्डा में बैरियर लगाकर ट्रैफिक रोक दिया गया है। कहा कि पैदल चलने वालों को भी आगाह किया गया है। सिद्धबली मंदिर के पास से ही सड़क पर पहाड़ियों से पत्थर और मलबा आने का सिलसिला चल रहा है। कहा कि पौड़ी के लिए वैकल्पिक मार्ग के रुप में कोटद्वार-पुलिंडा होते हुए चरेख-ऐता-दुगड्डा मार्ग को खोलने का प्रयास किया जा रहा है। एनएच के अधिशासी अभियंता नरेंद्र सिंह का कहना है कि पोकलैंड मंगवा दी गई है। सड़क खोलने में कम से कम तीन दिन का समय लग सकता है।
कोटद्वार क्षेत्र में भारी बारिश से शनिवार को कोटद्वार-पौड़ी नेशनल हाईवे दर्जनभर जगहों पर बाधित हो गया है। सिद्धबली मंदिर के पास से ही पौड़ी हाईवे पर मलबा आना शुरू हो गया। डीएफओ लैंसडौन के कार्यालय के सामने की पहाड़ी से आया मलबा कार्बेट टाइगर रिजर्व के रिसेप्शन सेंटर के ग्राउंड फ्लोर की दीवार तोड़ता हुआ हाईवे पर आ गया। सिद्धबली से लालपुल और इससे आगे दुगड्डा तक कम से कम 12 से अधिक स्थानों पर मलबे का पहाड़ जमा हो गया, जिसे पैदल पार करना भी मुश्किल हो गया।
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एएसपी प्रभारी डा. हरीश वर्मा ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिगत कोटद्वार के तिलवाढांग और दुगड्डा में बैरियर लगाकर ट्रैफिक रोक दिया गया है। कहा कि पैदल चलने वालों को भी आगाह किया गया है। सिद्धबली मंदिर के पास से ही सड़क पर पहाड़ियों से पत्थर और मलबा आने का सिलसिला चल रहा है। कहा कि पौड़ी के लिए वैकल्पिक मार्ग के रुप में कोटद्वार-पुलिंडा होते हुए चरेख-ऐता-दुगड्डा मार्ग को खोलने का प्रयास किया जा रहा है। एनएच के अधिशासी अभियंता नरेंद्र सिंह का कहना है कि पोकलैंड मंगवा दी गई है। सड़क खोलने में कम से कम तीन दिन का समय लग सकता है।
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